झारखंड के खनिज पर किसका अधिकार? कांग्रेस ने धरना देकर केंद्र से पूछे सवाल

झारखंड में खनिज संशोधन विधेयक के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन. विधायक भूषण बाड़ा ने कहा, राज्य की खनिज संपदा पर यहां के लोगों का पहला अधिकार है.

सिमडेगा. खान एवं खनिज संशोधन अधिनियम 2026 के प्रावधानों के विरोध में कांग्रेस ने गुरुवार को नगर परिषद कार्यालय के समीप धरना-प्रदर्शन किया. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संशोधन से राज्यों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं. प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया. कांग्रेस ने अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े चंदे में भी पारदर्शिता की मांग की.

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सह विधायक भूषण बाड़ा की अध्यक्षता में हुए धरने में कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी, जिला प्रभारी डॉ अजय शाहदेव, जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष जोसिमा खाखा समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए.

विधायक भूषण बाड़ा ने कहा कि झारखंड की जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा पर राज्य का संवैधानिक अधिकार है. उन्होंने कहा कि झारखंड से कोयला, लौह-अयस्क, तांबा और बॉक्साइट समेत कई खनिज देश के उद्योगों को मिलते हैं. वहीं, खनन से होने वाले विस्थापन, प्रदूषण और पर्यावरण के नुकसान का असर भी झारखंड के लोगों को झेलना पड़ता है. इसलिए खनिज संसाधनों से मिलने वाले राजस्व में झारखंड के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए.

राज्य के विकास में खनिज राजस्व की भूमिका अहम

कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध होने के बावजूद गरीबी, पलायन, बेरोजगारी और विस्थापन की समस्याओं से जूझ रहा है. खनन से होने वाले नुकसान का सीधा असर ग्रामीणों और आदिवासी-मूलवासी समाज पर पड़ता है. इसलिए खनिज से मिलने वाले राजस्व का लाभ राज्य की जनता तक पहुंचना चाहिए.

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को राज्यों के अधिकार से जुड़े किसी भी कानून या प्रावधान पर राज्यों से व्यापक चर्चा करनी चाहिए. संविधान ने केंद्र और राज्यों के बीच अधिकारों का संतुलन बनाया है. इसे कमजोर करने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती.

कांग्रेस ने संशोधन को विकास में बाधक बताया

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सह सिमडेगा प्रभारी डॉ अजय शाहदेव ने कहा कि खान एवं खनिज संशोधन विधेयक झारखंड के विकास में बाधक है. उन्होंने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद झारखंड अलग राज्य बना, ताकि यहां की खनिज संपदा पर झारखंडवासियों का अधिकार हो. उन्होंने खनिज राजस्व पर राज्य का उचित अधिकार होने की बात कही.

राम मंदिर चंदे के मुद्दे पर उन्होंने भाजपा पर धार्मिक भावनाओं के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाया और चंदे में पारदर्शिता की मांग की.

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गरीबों और महिलाओं के हित से जुड़ा है खनिज राजस्व

जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष जोसिमा खाखा ने कहा कि खनिज संपदा से मिलने वाला राजस्व गरीबों, महिलाओं, किसानों, मजदूरों और युवाओं के हित से जुड़ा है. इसी राजस्व से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेंशन, ग्रामीण विकास और जनकल्याण की योजनाओं को मजबूती मिलती है.

उन्होंने कहा कि झारखंड की महिलाएं लंबे समय से विस्थापन और पलायन की समस्या झेल रही हैं. सरकारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्राकृतिक संसाधनों का लाभ स्थानीय लोगों को मिले.

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