संस्कृति व अखड़ा की रक्षा के लिए गांवों में बांटे जायेंगे ढोल-नगाड़े : विधायक

जितिया-करमा मिलन समारोह सह अखड़ा निर्माण का शिलान्यास

सिमडेगा

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जिले में विलुप्त हो रही लोक नृत्य व लोक गीतों को बचाने के लिए पार्वती शर्मा महिला इंटर कॉलेज परिसर में जितिया-करमा मिलन समारोह सह अखड़ा निर्माण शिलान्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया. पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद व युवा कार्य विभाग द्वारा बनने वाले अखड़ा निर्माण कार्य का शिलान्यास विधायक भूषण बाड़ा व विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने संयुक्त रूप से शिलापट्ट का अनावरण कर किया. संचालन कॉलेज के प्राचार्य सत्यव्रत ठाकुर ने किया. कार्यक्रम के दौरान विभिन्न नृत्य मंडलियों द्वारा आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किये गये. विधायक भूषण बाड़ा ने कहा कि अखड़ा हमारी धरोहर और हमारी संस्कृति का आधार है. उन्होंने कहा कि झारखंड के सबसे बड़े अखड़ा के निर्माण के लिए आप सभी लोग बधाई के पात्र हैं. अखड़ा सिर्फ एक जमीन का टुकड़ा नहीं, ये हमारी संस्कृति की आत्मा है. कहा कि अखड़ा की बचाने की हम सभी की जिम्मेवारी है. लोक गीत को युवाओं को सीखना होगा. स्कूल कॉलेज में संस्कृति परंपरा का भी एक क्लास होना चाहिए. पुरखों की संस्कृति को भविष्य के हाथों देना हमारी जिम्मेदारी है. अखड़ा केवल नाच गान का स्थल नहीं है, बल्कि हमारे समाज के लिए नीति निर्धारण करने वाला एक प्रमुख स्थल भी है. उन्होंने कहा कि हमारे समाज की असली पहचान जंगल, जमीन, नदी-नाला और हमारी प्राकृतिक संपदा से है. आज हम सबको यह संकल्प लेना होगा कि अखड़ा को बचाना ही नहीं, बल्कि इसे आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाना भी हमारी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि संस्कृति व अखड़ा की रक्षा के लिए गांव-गांव ढोल व नगाड़े बांटे जायेंगे. कार्यक्रम में पद्मश्री मधु मंसूरी , पद्मश्री महावीर नायक समेत कई कलाकार व अतिथियों ने भाग लिया. मौके पर एसडीओ प्रकाश रंजन ज्ञानी, प्रमुख बिपिन पंकज मिंज, 20 सूत्री अध्यक्ष सह उप प्रमुख सिलबेस्टर बघवार, सांसद प्रतिनिधि डीडी सिंह, सोहन बड़ाइक, साधु मलुआ, विधायक प्रतिनिधि आकाश सिंह, विधायक प्रतिनिधि शीतल एक्का, विधायक प्रतिनिधि शकील अहमद, विधायक प्रतिनिधि अख्तर खान, विधायक प्रतिनिधि सलमान खान, विधायक प्रतिनिधि रावेल लकड़ा, विधायक प्रतिनिधि निरोज बाड़ा, कलाकार जगदीश बड़ाईक, रुपेश बड़ाइक, मोहन साहू, सत्या महतो, हरिशचंद्र बड़ाइक, डॉ इम्तियाज हुसैन, प्रतिमा कुजूर, उर्मिला केरकेट्टा, शोभेन तिग्गा, जुली लुगून, सुचिता तिर्की, साजदा खातून, जॉर्जिना समद, ज्योति लकड़ा आदि उपस्थित थे.

स्कूलों में जनजातीय भाषा की पढ़ाई की हो रही पहल : विधायकविधायक नमन विक्सल ने कहा कि अखड़ा व हमारी संस्कृति को बचाने से ही हमारे भविष्य को मजबूत बनाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र की भाषा संस्कृति परंपरा को बचाने के लिए विधानसभा में भी आवाज उठा चुके हैं. स्कूलों में भी जनजातीय भाषा की पढ़ाई शुरू करने के लिए प्रयास किया जा रहा है. आज हमारे आदिवासी मूलवासी अपनी भाषा संस्कृति को भूल रहे हैं, जो दुख की बात है. विधायक ने कहा कि अखड़ा बचेगा, तो हमारी संस्कृति बचेगी. ढोल-नगाड़े बजते रहेंगे, तो हमारी पहचान जीवित रहेगी. सबसे बड़ी ताकत उसकी सांस्कृतिक धरोहर है.

अखड़ा बनने से बच्चे जान सकेंगे अपनी संस्कृति : जोसिमा

जिप सदस्य जोसिमा खाखा ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है. पहले हर गांव में अखरा होता था, जहां लोग रात भर गीत-संगीत और नृत्य में शामिल होते थे. लेकिन समय के साथ यह परंपरा खो गयी. अब जिला स्तरीय अखरा बनने से हमारे बच्चे फिर से अपनी संस्कृति व विरासत को जान सकेंगे.

नृत्य गीत पर झूमे लोग: करम-जितिया मिलन समारोह के दौरान मंडलियों द्वारा प्रस्तुत नृत्य व गीत पर लोगों झूमते व नाचते नजर आये. मौके पर जंगल छोड़ब नहीं, गांव छोड़ब नहीं, गाय माटी छोड़ब नहीं गीत पर दोनों विधायक समेत अन्य लोग झूमते नजर आये. वहीं कई नृत्य मंडलियां शामिल होकर आकर्षक नृत्य की प्रस्तुति दी.

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By Prabhat Khabar News Desk

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