कुपोषित बच्चों की पहचान कर समय पर पोषण पुनर्वास केंद्र भेजें : डीसी

बांसजोर का दौरा कर विकास योजनाओं और सरकारी संस्थानों का लिया जायजा

सिमडेगा. उपायुक्त कंचन सिंह ने शनिवार को बांसजोर प्रखंड का दौरा कर विकास योजनाओं व सरकारी संस्थानों का निरीक्षण किया. उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों, बिरसा हरित ग्राम योजना, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) कार्य, पंचायत भवन, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत संचालित मछली पालन परियोजना, आयुष्मान आरोग्य मंदिर तथा किसानों द्वारा संचालित उद्यानिकी योजनाओं का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, जनसुविधाओं की गुणवत्ता और लाभुकों को समय पर लाभ सुनिश्चित करने को लेकर अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये. दौरे की शुरुआत मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र सिहरजोर से हुई. उपायुक्त ने बच्चों को मिलने वाले पोषण आहार, उपस्थिति, शिक्षा व स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की. उन्होंने सेविकाओं को प्रत्येक बच्चे का नियमित हाइट व वेट मापन कर उसकी जानकारी पोषण ट्रैकर ऐप में दर्ज करने का निर्देश दिया. साथ ही कुपोषित व गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें समय पर पोषण पुनर्वास केंद्र भेजने को कहा. उपायुक्त ने बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत लाभान्वित किसान विल्सन लुगून की आम बागवानी का निरीक्षण किया. आम के पौधों पर लगे फलों को देख कर उन्होंने संतोष व्यक्त किया. उपायुक्त ने किसान को पौधों की नियमित देखभाल, उन्नत कृषि तकनीकों के उपयोग तथा बेहतर बाजार व्यवस्था से जुड़ कर आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया. आरसी मवि डुमरमुंडा स्थित मतदान केंद्र संख्या 135 व 136 में उपायुक्त ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के मैपिंग कार्य का निरीक्षण किया. उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से कार्य की प्रगति की जानकारी ली और मतदाता सूची अद्यतन कार्य को पूरी पारदर्शिता व शुद्धता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया. पंचायत भवन तरगा में उपायुक्त ने प्रज्ञा केंद्र, ज्ञान केंद्र तथा झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक के बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट केंद्र का निरीक्षण किया. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांसजोर में उन्होंने ओपीडी, प्रयोगशाला, ड्रेसिंग रूम, प्रसव कक्ष, सामान्य वार्ड और दवा भंडार का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. भ्रमण के क्रम में उपायुक्त ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत स्थापित बायोफ्लॉक आधारित सात टैंक मछली पालन परियोजना का निरीक्षण किया. उन्होंने लाभुकों को वैज्ञानिक पद्धति से मछली पालन करने, टैंकों की नियमित निगरानी रखने, पानी की गुणवत्ता बनाये रखने तथा संतुलित आहार प्रबंधन अपनाने का निर्देश दिया. इसके अलावा उपायुक्त ने बरडेगा स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का निरीक्षण कर उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली. उन्होंने किसान अनुग्रह नारायण द्वारा उद्यान विभाग के सहयोग से की जा रही गुलाब फूल की खेती का भी जायजा लिया. क्षेत्र भ्रमण के दौरान जिला स्तरीय कई पदाधिकारी उपस्थित थे.

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