सिमडेगा. बानाबिरा पल्ली में शहीद फादर इग्नासियुस बाड़ा की 21वीं पुण्यतिथि मनायी गयी. मुख्य अनुष्ठाता के रूप में सिमडेगा धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष बिशप विंसेंट बरवा उपस्थित थे. मिस्सा अनुष्ठान के दौरान बिशप बरवा ने कहा कि शहीद फादर इग्नासियुस बाड़ा एक सच्चे मसीही थे. उन्होंने मानव सेवा व मसीही समुदाय के लिए न सिर्फ घर द्वार छोड़ा, बल्कि अपने प्राण तक दे दी. उन्होंने कहा कि समाज में शिक्षा की काफी कमी है. इसलिए सच्चे चरित्र का निर्माण नहीं हो रहा है. ऊंच-नीच कह कर हमें बांटा जा रहा है. मौके पर प्रार्थना जुलूस निकाला गया और फादर इग्नासियुस को श्रद्धाजंलि दी गयी तथा समारोही ख्रीस्तयाग के लिए विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया. समारोही ख्रीस्तयाग बिशप विंसेंट बरवा, गुमला के बिशप लिनुश पिंगल एक्का द्वारा संपन्न कराया गया. गुमला बिशप लीनुस पिंगल एक्का ने कहा कि बानाबीरा आज के दिन में कोई अनजान गांव नहीं है. इसकी ख्याति पूरे विश्व में है. इसका पूरा श्रेय हमारे शहीद फादर को जाता है. मौके पर अजीत लकड़ा, सिलबेस्टर बाघवार, उर्मिला केरकेट्टा, प्रतिमा कुजूर, जुली लुगून, सुचिता, शोभेन, मुखिया अनिल उरांव, विवेक एक्का आदि उपस्थित थे.
जिला सदस्य ने भी दी श्रद्धांजलि
जिप सदस्य जोसिमा खाखा ने भी फादर इग्नासियुस बाड़ा की क्रब पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किया. उन्होंने शहीद के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि घर छोड़ मानव सेवा के लिए समर्पित पुरोहित फादर इग्नासियुस बाड़ा की असामाजिक तत्वों द्वारा 2005 में हत्या कर दी गयी थी. परंतु उनका खून बेकार नहीं गया. उनका खून धर्म का बीज बन गया, जो धीरे-धीरे अंकुरित होते हुए एक विशाल पेड़ बन गया. इस पेड़ की छांव में न सिर्फ सिमडेगा बल्कि गुमला, खूंटी समेत अन्य धर्मप्रांत के लाखों ख्रीस्त विश्वासी पहुंच कर प्रेरणा ले रहे हैं.
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