किसान खेती को व्यवसायिक रूप में अपनायें

किसान खेती को व्यवसायिक रूप में अपनायें

जलडेगा. कोनमेरला पंचायत सचिवालय और डुमरबेड़ा गांव में बागवानी संरक्षित खेती के लिए लीड्स संस्था द्वारा दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर लगाया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ मुखिया अनिमा तोपनो को केले के पौधा देकर किया गया. किसानों को संरक्षित खेती पॉलीहाउस, नेट हाउस के फायदे बताये गये. आत्मा के एटीएम नितेश पॉल एक्का ने कहा कि किसान खेती को व्यवसायिक रूप में अपनायें. खेती के लिए नयी तकनीकों का प्रयोग करने और खेती से जुड़े व्यवसायों को अपनाने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि किसान संरक्षित बागवानी, नर्सरी उत्पादन, मधुमक्खी पालन और पशुपालन शुरू कर अपनी आमदनी में बढ़ोतरी कर सकते हैं. लीड्स संस्था के परियोजना समन्वयक आलोक कुमार ने किसानों को विभिन्न प्रकार की संरक्षित खेती के लिए बनाये जाने वाले ढांचों के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि खेती में प्रयोग किये जाने वाले रासायनिक खाद फसल, मनुष्य, पशु, वातावरण जमीन के लिए काफी हानिकारक हैं. पॉली हाउस में किसानों को जैविक खेती अपनानी चाहिए. लीड्स संस्था की जूही कुमारी और ललिता कंडुलना ने पॉलीहाउस में लगने वाले कीटों की रोकथाम के उपाय बताये. खेती पर होने वाले खर्चे को बेवजह नहीं बढ़ाना चाहिए.

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By Prabhat Khabar News Desk

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