बानो. प्रखंड के गोर्रा गांव में मनिसाय राजा की स्मृति में 26वां जुबली जतरा का आयोजन किया गया. मौके पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों व पारंपरिक अनुष्ठानों के माध्यम से पूर्वजों को याद किया गया तथा समाज को एकजुट रहने का संदेश दिया गया. मुख्य अतिथि के रूप में प्रमुख सुधीर डांग व विशिष्ट अतिथि के रूप में जिप सदस्य सह झामुमो केंद्रीय समिति सदस्य बिरजो कंडुलना उपस्थित थे. आयोजन से पूर्व सभी अतिथियों को पारंपरिक नृत्य और गीत के साथ मंच तक लाया गया. कार्यक्रम में जादुर और लहसुवा नृत्य की प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया. कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में अपनी संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत की. मुख्य अतिथि सुधीर डांग ने पेसा कानून के तहत आदिवासी समाज को प्राप्त अधिकारों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि पेसा कानून के माध्यम से हमारे समाज को कई महत्वपूर्ण अधिकार मिले हैं. हमें अपने अधिकारों को समझना और उनका सही उपयोग करना चाहिए. जिप सदस्य बिरजो कंडुलना ने कहा कि अपने पूर्वजों को याद करना आवश्यक है. आदिवासी समाज के विकास के लिए शिक्षा जरूरी है. कार्यक्रम के दौरान मनिसाय राजा की स्मृति में पत्थलगड़ी (शिलापट्ट) की स्थापना की गयी. विभिन्न क्षेत्रों से आये पहानों ने विधिवत भूमि पूजन किया. शिलापट्ट पर जल छिड़क कर उसे स्थापित किया गया. संचालन ग्राम प्रधान शांतिएल हेमरोम ने किया. मौके पर पहान राजा निर्मल हेमरोम, पाठ गोमके नोएल आदि उपस्थित थे.
हमें अपने अधिकारों को जानना जरूरी : प्रमुख
जुबली जतरा का आयोजन
