एक माह बाद भी दुरुस्त नहीं की गयी बही पुलिया

आधा दर्जन गांवों के ग्रामीणों को आवागमन करने में हो रही परेशानी

कोलेबिरा. प्रखंड की नवाटोली पंचायत स्थित सरईपानी नदी पर बनी पुलिया एक माह पहले पहली बारिश में ही बह गयी थी, लेकिन अब तक उसकी मरम्मत नहीं हो सकी है. इससे सरईपानी खास, पाहनटोली, जिल्पी, चाड़री, मांझे टोली और नदी डीपा समेत आधा दर्जन गांवों के ग्रामीणों को आवागमन करने में समस्या हो रही है. पुलिया के बहने चार पहिया वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप है. ग्रामीणों को बीमार पड़ने पर उन्हें खटिया में तीन से चार किलोमीटर तक ढोकर एंबुलेंस तक पहुंचाना पड़ता है. इससे न केवल मरीजों बल्कि उनके परिजनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

ग्रामीणों ने कहा, एक तरह से टापू बन गया है सरइपानी गांव

गांव के प्रभु प्रधान ने बताया कि पुलिया टूटने से गांव का संपर्क पूरी तरह कट गया है. जिल्पी निवासी राजकिशोर गोप ने कहा कि अगर कोई गंभीर रूप से बीमार होता है, तो एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, मरीज को खटिया पर ले जाना पड़ता है. किसान अजीत कुल्लू ने बताया कि खेती का मौसम चल रहा है, लेकिन ट्रैक्टर गांव में नहीं आ पा रहा है. इससे खेत जोतने में दिक्कतें हो रही हैं. क्योंकि अब गांव में पर्याप्त बैल भी नहीं बचे हैं. बैनेशियुस डुंगडुंग ने कहा कि पुलिया के टूटने से ग्रामीणों को 4 से 5 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है. अन्य वैकल्पिक रास्तों में बरसात के कारण नाले भरे हैं, जिससे पैदल पार करना जानलेवा साबित हो सकता है. बेनेदिक सुरीन ने कहा कि सरईपानी गांव एक तरह से टापू बन गया है. कोई भी सरकारी सहायता समय पर नहीं पहुंच पा रही है. गांव के छतन प्रधान, रबी नाथ प्रधान, अर्जुन प्रधान, मनोज सिंह, निर्मल केरकेट्टा, थॉमस कुल्लू, सीताराम प्रधान, लक्ष्मण प्रधान, भजन प्रधान, कलिंदर प्रधान, बिरसा टेट, सिलबानोस टेटे, मोहन गोप, रवि गोप समेत कई ग्रामीणों ने जिला एवं प्रखंड प्रशासन से मांग की है कि पुलिया की मरम्मत तत्काल की जाये, ताकि आवागमन सामान्य हो सके और लोगों को राहत मिल सके.

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