जतरा मेला हमारी सामूहिक एकता का जीवंत प्रतीक है: जोसिमा

चाला अखाड़ा खोड़हा ग्राम रक्षा समिति के तत्वावधान में पालकोट के लिटिम गांव में ऐतिहासिक माघ जतरा मेला का आयोजन किया गया

माघ जतरा मेला में उमड़ी ग्रामीणों की भीड़ सिमडेगा. चाला अखाड़ा खोड़हा ग्राम रक्षा समिति के तत्वावधान में पालकोट के लिटिम गांव में ऐतिहासिक माघ जतरा मेला का आयोजन किया गया. यह आयोजन सांस्कृतिक कार्य निदेशालय, पर्यटन, कला, संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के सहयोग से संपन्न हुआ. जतरा मेला का उदघाटन महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष सह जिला परिषद सदस्य जोसिमा खाखा ने किया. उदघाटन के पश्चात पारंपरिक सांस्कृतिक नाच-गान और मांदर की थाप ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया. मौके पर जोसिमा खाखा ने कहा कि जतरा मेला हमारी संस्कृति, परंपरा और सामूहिक एकता का जीवंत प्रतीक है. यह हमें हमारी जड़ों से जोड़ता है और ग्राम देवी-देवताओं, जल-जंगल-जमीन तथा प्रकृति के प्रति हमारे सम्मान को दर्शाता है. जोसिमा खाखा ने कहा कि जतरा मेला में हर जाति, हर वर्ग और हर समुदाय एक साथ आते हैं. यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है. नाच-गान, पारंपरिक वेशभूषा और मांदर की थाप हमारी पहचान हैं. जिसे बचाना सभी की जिम्मेदारी है. उन्होंने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि युवा आधुनिक शिक्षा प्राप्त करें. लेकिन अपनी भाषा, संस्कृति और परंपरा को कभी न भूलें. उन्होंने ने समाज से नशा, हिंसा और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रहने का संकल्प लेने का आग्रह किया. मौके पर विधायक प्रतिनिधि मनीष हिंदुस्तान, मुखिया जोसेफिन टेटे, बीस सूत्री सदस्य रोहित एक्का, भूषण सिंह, विजय ठाकुर, उर्मिला केरकेट्टा, शोभेंन तिग्गा सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.

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Author: VIKASH NATH

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