जान जोखिम में डाल कर पढ़ने को मजबूर हैं बच्चे

उत्क्रमित प्रावि भिखराटोली का भवन जर्जर, किसी वक्त हो सकता है बड़ा हादसा

बानो. प्रखंड अंतर्गत हरिजनटोली स्थित उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय भिखराटोली के बच्चे जर्जर भवन में जान जोखिम में डाल कर पढ़ाई करने को मजबूर हैं. विद्यालय का भवन किसी भी समय ध्वस्त हो सकता है. सर्व शिक्षा अभियान के तहत बने इस भवन की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है. विद्यालय में दो कमरे हैं, जिनमें से एक की दीवार पूरी तरह जर्जर होकर गिरने की कगार पर है. वहीं दूसरे कमरे की दीवार और फर्श में दरारें पड़ चुकी हैं, जिससे उसमें भी पढ़ाई करना खतरे से खाली नहीं है. बरसात में छत से पानी टपकने के कारण बच्चों को एक ही कमरे के कोने में बैठा कर पढ़ाई करानी पड़ रही है.

बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव

विद्यालय परिसर में पेयजल और शौचालय की व्यवस्था भी बदहाल है. वर्षों पहले लगायी गयी पानी की टंकी और सोकपीट बेकार पड़े हैं. शौचालय की स्थिति इतनी खराब है कि बच्चे खुले में जाने को मजबूर हैं.

रसोईघर भी जर्जर : विद्यालय की रसोइया सुकांती देवी ने बताया कि किचन शेड भी जर्जर हो गया है. बरसात में छत से पानी टपकने के कारण मिड-डे मील के चावल और अन्य सामग्री भींग जाते हैं, जिससे भोजन तैयार करने में परेशानी होती है.

शिक्षकों व विभागीय अधिकारियों की पहल बेअसर

विद्यालय की शिक्षिका नूतन कंडुलना ने बताया कि विद्यालय कार्यालय के कमरे में भी दरारें हैं, जिससे बरसात के समय कार्य करना मुश्किल हो जाता है. विद्यालय में फिलहाल कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई होती है और कुल 18 विद्यार्थी नामांकित हैं. उन्होंने बीआरसी और पंचायत के माध्यम से प्रखंड विकास पदाधिकारी को एक वर्ष पूर्व आवेदन दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. इधर, शिक्षा विभाग के बाल गोविंद पटेल ने बताया कि विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति की जानकारी जिला स्तरीय अधिकारियों को दी गयी है, परंतु अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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