जलडेगा. प्रखंड की कुटुंगिया पंचायत के एक गांव में 19 वर्षीय दिव्यांग युवती शांति जोजो आज भी सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित है. सरकार जहां दिव्यांगजनों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाने का दावा करती है, वहीं जमीनी स्तर पर इन योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रहा है. बताया जाता है कि शांति जोजो बचपन में गांव के ही स्कूल में पढ़ती थी और कक्षा दो की छात्रा थी. इस दौरान वह गंभीर रूप से बीमार पड़ गयी. इसके बाद उसका शरीर पूरी तरह से दिव्यांग हो गया. परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उसका समुचित इलाज नहीं हो सका. शांति के भाई अमृत जोजो ने बताया कि उस समय परिवार को किसी तरह की सरकारी सहायता नहीं मिली और न ही किसी ने योजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि आज तक शांति का दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी नहीं बन पाया है, जबकि वह पूरी तरह से चलने-फिरने में असमर्थ है. परिवार का आरोप है कि अब तक कोई जनप्रतिनिधि या अधिकारी उनकी स्थिति देखने नहीं पहुंचा. मामले की जानकारी मिलने पर मिशन बदलाव के जिलाध्यक्ष दीपक कुमार महतो ने संबंधित विभाग से बात कर युवती को योजनाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया है. वहीं पंचायत की मुखिया जानकी देवी ने भी जानकारी लेकर कार्रवाई की बात कही है.
दिव्यांग युवती शांति जोजो सरकारी योजनाओं से वंचित
जलडेगा प्रखंड की कुटुंगिया पंचायत का मामला
