15 साल के बाद फिर जगी बाबू वीर कुंवर सिंह पार्क के खुलने की आस

सिमडेगा के बाबू वीर कुंवर सिंह पार्क को 15 साल बाद फिर से खोलने की तैयारी शुरू हो गई है। उपायुक्त ने पार्क की सफाई और मरम्मत के निर्देश दिए हैं।

शहर के मार्केट कांप्लेक्स परिसर स्थित चिल्ड्रन पार्क (वर्तमान में बाबू वीर कुंवर सिंह पार्क) करीब डेढ़ दशक बाद फिर से आम लोगों और बच्चों के लिए खुलने की उम्मीद जगी है. उपायुक्त कंचन सिंह ने शहर भ्रमण के दौरान नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को पार्क की साफ-सफाई कर व्यवस्थित करने और इसे प्रतिदिन बच्चों के लिए खोलने का निर्देश दिया है.जानकारी के अनुसार यह पार्क पिछले करीब 15 वर्षों से बंद पड़ा है. मुख्य द्वार पर ताला लटका हुआ है और रखरखाव के अभाव में अंदर जंगल-झाड़ियां उग आयी हैं. पार्क की स्थिति काफी जर्जर हो चुकी है. कांप्लेक्स निर्माण के दौरान तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी अरूणीश चावला ने पार्क के लिए स्थल का चयन किया था. बाद में उपायुक्त सुनील कुमार के कार्यकाल में इसका निर्माण कराया गया. करीब नौ वर्ष पहले पार्क का नाम बाबू वीर कुंवर सिंह रखा गया और उनकी प्रतिमा भी स्थापित की गयी.

उपेक्षा से बदहाल पार्क के फिर से संवरने की उम्मीद

निर्माण के बाद पार्क शहरवासियों के आकर्षण का केंद्र बन गया था. यहां सुबह-शाम लोग टहलने आते थे और परिवार के साथ समय बिताते थे. पार्क में फव्वारा, लाइटिंग और बच्चों के मनोरंजन की सुविधाएं उपलब्ध थीं. लेकिन बाद में रखरखाव के अभाव में यह उपेक्षित हो गया. नगर परिषद की ओर से साफ-सफाई और संचालन को लेकर प्रभावी पहल नहीं होने से पार्क बदहाल होता गया. परिसर में गंदगी का अंबार लगा है और पानी के लिए कराई गई बोरिंग भी लंबे समय से खराब पड़ी है. अब उपायुक्त के निर्देश के बाद शहरवासियों में उम्मीद जगी है कि पार्क की सफाई और मरम्मत कर इसे दोबारा शुरू किया जायेगा. लोगों का कहना है कि नियमित संचालन होने से यह बच्चों और परिवारों के लिए बेहतर मनोरंजन स्थल बनने के साथ नगर परिषद की आय का स्रोत भी बन सकता है.


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Author: Ravikant

Published by: Priya Gupta

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