टाटी पंचायत में कई महीनों से नहीं मिल रही वृद्धा पेंशन, महिलाएं परेशान जलडेगा. प्रखंड की सुदूरवर्ती टाटी पंचायत क्षेत्र में वृद्धजनों को मिलने वाली प्रतिमाह 1000 रुपये की वृद्धा पेंशन पिछले कई महीनों से बंद है. इससे क्षेत्र के बुजुर्ग ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. शनिवार को टाटी पंचायत सचिवालय परिसर में घंटों तक उदास बैठी बुजुर्ग महिलाओं का दर्द सामने आया. पेंशन की उम्मीद में सचिवालय पहुंचने के बाद उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है. बुजुर्गों का कहना है कि कई बार आवेदन देने और जनता दरबार में गुहार लगाने के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है. इससे उनका जीवन-यापन बेहद कठिन हो गया है. बड़ीटोली, बाड़ीबिंरंगा निवासी 70 वर्षीया नीलमणि जोजो ने बताया कि उन्हें पिछले तीन महीनों से वृद्धा पेंशन नहीं मिल रही है. पेंशन बंद होने से दवा, राशन और अन्य जरूरी खर्च पूरे करना मुश्किल हो गया है. उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे मानसिक तनाव बढ़ गया है. बाड़ीबिंरंगा निवासी सुड़ालेन लुगून ने मुंडारी भाषा में बताया कि उन्हें पिछले दो महीनों से पेंशन नहीं मिली है. पैसे के अभाव में खाने-पीने की सामग्री तक खरीदना मुश्किल हो गया है. तेल, साबुन जैसी रोजमर्रा की जरूरतें भी पूरी नहीं हो पा रही हैं. ऐलानी कंडुलना ने कहा कि उन्हें भी पिछले दो महीनों से पेंशन राशि नहीं मिली है. हाथ में पैसा नहीं होने के कारण छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी परेशानी झेलनी पड़ रही है. कई बार पंचायत सचिवालय आने के बावजूद कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है. मनोनीत कंडुलना ने बताया कि उनकी उम्र 70 वर्ष से अधिक हो चुकी है. सभी आवश्यक कागजात और फॉर्म जमा करने के बावजूद अब तक पेंशन स्वीकृत नहीं हुई है. पेंशन शुरू होने की आस में वे बार-बार पंचायत सचिवालय का चक्कर लगा रहे हैं. पैतानो निवासी सोमारी देवी ने नागपुरी भाषा में बताया कि उन्हें पिछली बार दीपावली के समय पेंशन मिली थी. इसके बाद भुगतान बंद हो गया. तब से वे लगातार टाटी पंचायत सचिवालय और जनता दरबार में आवेदन दे रही हैं, लेकिन अब तक पेंशन चालू नहीं हो सकी है. लोतेन जोजो ने भी बताया कि उन्हें वृद्धा पेंशन नहीं मिल रही है. पेंशन रुकने से उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ गयी है और रोजमर्रा का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है. उन्होंने प्रशासन से जल्द समस्या का समाधान कर पेंशन चालू करने की मांग की है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
