दवा दुकानदारों को फार्मासिस्ट की डिग्री उपलब्ध कराने की मांग

स्वास्थ्य मंत्री को सौंपा ज्ञापनसिमडेगा. जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन द्वारा प्रधानमंत्री के नाम स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन सौंपा गया. जिसमें कहा गया है कि भारत सरकार के नेशनल स्कील क्वालिफिकेशन फ्रेम वर्क के तहत यदि कोई 12वीं पास व्यक्ति पढ़ाई छोड़ कर लगातार तीन वर्षों तक एक ही काम कर रहा है तो उस […]

स्वास्थ्य मंत्री को सौंपा ज्ञापनसिमडेगा. जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन द्वारा प्रधानमंत्री के नाम स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन सौंपा गया. जिसमें कहा गया है कि भारत सरकार के नेशनल स्कील क्वालिफिकेशन फ्रेम वर्क के तहत यदि कोई 12वीं पास व्यक्ति पढ़ाई छोड़ कर लगातार तीन वर्षों तक एक ही काम कर रहा है तो उस व्यक्ति को उक्त कार्य विशेष में ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट दिया जा सकता है. ऐसी स्थिति में दवा दुकानदारों के साथ भी उक्त नियम लागू किया जाना चाहिए. ज्ञापन में कहा गया है कि देश में लाखों दवा दुकानें हैं. इसमें अधिक से अधिक 10 प्रतिशत दुकानदार ही स्वयं फार्मासिस्ट हैं. बाकी सभी दुकानें किराये के फार्मासिस्ट के भरोसे चल रही हैं. इंडियन ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के अनुसार हर खुदरा दवा दुकान में एक फार्मासिस्ट का होना आवश्यक है. फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में दवा बेचना गैरकानूनी है. फार्मासिस्ट को सशरीर दुकान में रखने के लिये कम से कम 15 से 20 हजार रुपये मानदेय देना होगा. जबकि छोटे दुकानदार इतनी राशि वहन नहीं कर सकते हैं. ऐसी स्थिति में औषधि नियंत्रण विभाग की सहायता से मालिकों द्वारा ही दुकानें चलायी जा रही हैं. इसके एवज में औषधि नियंत्रण विभाग के कर्मचारियों का मनमानी भी सहते हैं. उनके द्वारा दुकानदारों का शोषण एवं दोहन किया जाता है. ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि शुरूआत में फार्मासिस्ट के बिना दुकान चलाना खतरनाक हो सकता है. ऐसी स्थिति में दुकानदारों को फार्मासिस्ट की डिग्री उपलब्ध करा दिया जाना चाहिए.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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