सिमडेगा. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम बाबू गुप्ता की अदालत ने आर्म्स एक्ट के एक आरोपी मो जुबैर को साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया. हालांकि तत्कालीन मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी यशवंत साही ने 28 जनवरी 2014 को जीआर 320/10 के अभियुक्त मो जुबैर के विरुद्ध शस्त्र अधिनियम की धारा के तहत तीन वर्ष का सश्रम कारावास एवं एक हजार रुपये अर्थदंड एवं आर्म्स एक्ट के तहत दो वर्ष की सजा एक हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनायी थी.
उक्त सजा के विरुद्ध मो जुबैर ने अपीलीय न्यायालय में चुनौती दी थी. इसके बाद उक्त मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम बाबू गुप्ता की अदालत ने उसे बाइज्जत बरी कर दिया. बचाव पक्ष से अधिवक्ता भूषण सिंह एवं अभियोजन पक्ष से अधिवक्ता पीएन महतो ने दलीलें दी.
