सुबह आते हैं मायूस हो कर शाम को चले जाते हैंफोटो फाइल:9एसआइएम:10-पेंशन के लिये बैंक परिसर में बैठे लाभुकप्रतिनिधिकेरसई(सिमडेगा). केरसई स्थित झारखंड ग्रामीण बैंक में वृद्धा पेंशनधारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. बैंक द्वारा शीघ्र भुगतान नहीं किया जाता है.सुबह में दूर दराज से वृद्धा पेंशनधारी आते हैं और को मायूस हो कर चले जाते हैं. पेंशनधारियों का कहना है कि हमें बैंक तक आने में सौ रुपये तक खर्च हो जाते हैं. कई पेंशनधारी ऐसे हैं जो दूसरों की साइकिल पर बैठ कर आते हैं और उन्हें एक सौ रुपये किराये के रूप में चुकाना पड़ता है.बुधवार को भी ऐसी ही स्थिति थी.सुंदरी देवी, सुकरमती देवी, मथुरा देवी, राजो देवी , अंजेला डंुगडंुग, हरि देवी सहित दर्जनों पेंशनधारी बैंक आये किंतु उन्हें पेशन नहीं मिला. उन्हें बैरंग ही घर लौटना पड़ा. पेंशनधारियों का कहना है कि उनका खाता जमा ही नहीं किया जा रहा है. खाता में पैसा होने के बावजूद भुगतान नहीं किया जा रहा है. देवदार ग्राम निवासी राजो देवी जो नेत्रहीन हैं, कहती हैं कि वह काफी दूर से आयी हैं, किंतु उन्हें पैसा नहीं मिला. उनके आने जाने में लगभग एक सौ रुपये खर्च होता है.भिकोटिया ग्राम निवासी अंजेला डंुगडंुग 15 किलोमीटर दूर से आयी थी. उनका कहना है कि उनके खाते में 2610 रुपये जमा हैं किंतु भुगतान नहीं हो रहा है. कर्मचारियों की कमी है: प्रबंधकइस संबंध में बैंक के प्रबंधक का कहना है कि कर्मचारियों की कमी के कारण राशि निकासी में दिक्कत होती है. बैंक में मात्र तीन स्टॉफ हैं. उन्होंने कहा कि पेंशनधारी अधिक होने के कारण परेशानी हो रही है. उन्होंने यह भी कहा कि पेंशनधारियों को भुगतान शीघ्र किया जायेगा.
.नहीं होता शीघ्र भुगतान परेशान हैं वृद्धा पेंशनधारी
सुबह आते हैं मायूस हो कर शाम को चले जाते हैंफोटो फाइल:9एसआइएम:10-पेंशन के लिये बैंक परिसर में बैठे लाभुकप्रतिनिधिकेरसई(सिमडेगा). केरसई स्थित झारखंड ग्रामीण बैंक में वृद्धा पेंशनधारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. बैंक द्वारा शीघ्र भुगतान नहीं किया जाता है.सुबह में दूर दराज से वृद्धा पेंशनधारी आते हैं और को मायूस हो […]
