राजनगर : राजनगर-सरायकेला मुख्य मार्ग स्थित सारंगपोसी गांव के पास सड़क पर बने जानलेवा गड्ढे एक बार फिर राहगीरों और वाहन चालकों के लिए गंभीर मुसीबत बन गए हैं. शनिवार की देर रात राजनगर की ओर जा रहा एक भारी ट्रेलर गहरे गड्ढे को पार करने के दौरान अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया. अभी यह व्यवधान दूर भी नहीं हुआ था कि रविवार की सुबह ठीक उसी जगह पर एक दूसरा ट्रेलर गड्ढे में बुरी तरह फंस गया. एक ही स्थान पर लगातार हुई इन दोनों घटनाओं के कारण मुख्य मार्ग पर बड़े वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया, जबकि छोटे वाहनों को भारी मशक्कत के साथ जैसे-तैसे निकाला जा रहा है. मार्ग के दोनों ओर भारी वाहनों की लंबी कतारें लग गयी हैं.
बारिश के पानी से छिपे गड्ढे, दुर्घटना की आशंका
स्थानीय लोगों के अनुसार सारंगपोसी के समीप मुख्य सड़क लंबे समय से बदहाल है और यहां बड़े-बड़े गड्ढे उभर आए हैं. हालिया बारिश के बाद इन गड्ढों में जलजमाव हो गया है, जिससे वाहन चालकों को उनकी वास्तविक गहरायी का अंदाजा नहीं लग पा रहा है. भारी लोड लेकर गुजरने वाले वाहनों के पहिए इनमें धंस रहे हैं, जिससे सड़क की बनावट और अधिक खस्ताहाल हो चुकी है. शनिवार देर रात पलटे ट्रेलर के बाद रविवार सुबह दूसरे भारी वाहन के फंसने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी.
दो सप्ताह पहले ग्रामीणों ने रोका था परिचालन
विदित हो कि महज दो सप्ताह पूर्व सारंगपोसी के ग्रामीणों ने सड़क की इस दुर्दशा और लगातार हादसों के खतरे को लेकर भारी वाहनों का चक्का जाम कर दिया था. ग्रामीणों के पुरजोर विरोध के बाद पथ निर्माण विभाग ने आनन-फानन में सड़क के गड्ढों को जीएसबी (ग्रैनुलर सब-बेस) डालकर भरवाया था. हालांकि, गुणवत्ताविहीन और कामचलाऊ मरम्मत के कारण पहली ही बारिश और भारी वाहनों के दबाव ने विभाग की व्यवस्था की पोल खोल दी. कुछ ही दिनों में मिट्टी-जीएसबी बह गई और गड्ढे फिर से नासूर बन गए. रविवार को हुए इस दोहरे हादसे के बाद ग्रामीणों में प्रशासनिक लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है. ग्रामीणों ने विभाग की खानापूर्ति वाली मरम्मत पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब तक सड़क का स्थायी और तकनीकी रूप से ठोस निर्माण नहीं होगा, तब तक दुर्घटनाओं का सिलसिला नहीं थमेगा.
