Seraikela Kharsawan News : मार्च में मांग से 4000 कम सिलेंडर मिले
बैंक की छुट्टी और तकनीकी कारणों से आपूर्ति हुई बाधित
By ATUL PATHAK | Updated at :
सरायकेला. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव का वैश्विक असर अब सरायकेला की रसोई तक पहुंचने लगा है. जिला मुख्यालय स्थित एकमात्र एचपी गैस एजेंसी में इन दिनों गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत देखी जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं के बीच ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है.
मार्च में कम हुई डिलीवरी:
सामान्य दिनों में इस एजेंसी से प्रतिमाह 12,000 से 13,000 सिलेंडरों की आपूर्ति की जाती थी. लेकिन मार्च माह में गैस कंपनी से कम स्टॉक मिलने के कारण केवल 8,894 सिलेंडरों की ही डिलीवरी हो सकी है. एजेंसी के मैनेजर मंटू कुमार ने बताया कि मार्च में कंपनी की ओर से केवल 8,899 सिलेंडर ही उपलब्ध कराए गए थे. कहा कि बैंक की छुट्टियों और कुछ तकनीकी समस्याओं की वजह से गैस कंपनी को समय पर डीडी (डिमांड ड्राफ्ट) नहीं भेजा जा सका, जिससे आपूर्ति प्रभावित हुई. एजेंसी में वर्तमान में करीब 35,000 रजिस्टर्ड उपभोक्ता हैं, जिनमें से 80% उज्ज्वला योजना के तहत आते हैं. मैनेजर ने आपूर्ति के ढांचे की जानकारी देते हुए बताया कि सप्ताह में तीन दिन 2 गाड़ी (2,052 सिलेंडर) और तीन दिन 1 गाड़ी (1,026 सिलेंडर) प्राप्त होते थे. आमतौर पर गर्मी में खपत घटकर 9 से 10 हजार तक रह जाती है, लेकिन इस बार किल्लत ने संकट बढ़ा दिया है. कंपनी ने बुकिंग की समयावधि बढ़ा दी है. पहले यह 21 दिन थी, जिसे अब 25 दिन कर दिया गया है. वहीं कॉमर्शियल सिलेंडरों के लिए यह अवधि 45 दिन कर दी गयी है.
जानकारी का अभाव बढ़ा रही भीड़:
गैस एजेंसी में उमड़ रही भीड़ का एक बड़ा कारण उपभोक्ताओं में जानकारी की कमी और देश में गैस की किल्लत को लेकर फैला डर है. मैनेजर मंटू कुमार के अनुसार लोग एक-दूसरे को देखकर सिलेंडर लेने की दौड़ में शामिल हो गए हैं. कई ऐसे उपभोक्ता भी आ रहे हैं जिन्होंने पिछले 6 महीनों से बुकिंग नहीं करायी थी.
तकनीकी बाधाएं बन रहीं रोड़ा:
एजेंसी पहुंचने वाले अधिकतर उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है. क्योंकि बहुत से उपभोक्ताओं का केवाइसी अपडेट नहीं है. कई ग्राहकों के बैंक अकाउंट बंद हो चुके हैं. उपभोक्ताओं को यह स्पष्ट नहीं होता कि उनकी ऑनलाइन बुकिंग सफल हुई है या नहीं. मैनेजर ने उपभोक्ताओं से धैर्य रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है. साथ ही तकनीकी खामियों को दूर कर जल्द ही आपूर्ति सामान्य करने का भरोसा दिलाया है.