Seraikela News : विकास से अछूता काशिदा, आज भी पगडंडी व चुआं के पानी पर निर्भर
विकास से अछूता काशिदा, आज भी पगडंडी व चुआं के पानी पर निर्भर
सरायकेला. सरायकेला प्रखंड की मोहितपुर पंचायत के काशिदा गांव में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है. जिला मुख्यालय से करीब 40 किमी व सीनी रेलवे स्टेशन से 20 किमी की दूरी पर काशीदा गांव है. यहां करीब 80 से 90 परिवार रहते हैं. आदिवासी बहुल इस गांव तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं है. लोग पगडंडी के सहारे गांव तक पहुंचते हैं. पगडंडीनुमा सड़क पर पत्थर निकल गये हैं, जिससे आने-जाने में ग्रामीणों को परेशानी होती है. ग्रामीण गड्ढे के पानी से प्यास बुझाते हैं. इलाज के लिए 24 किमी दूर उकरी स्वास्थ्य केंद्र आने में ग्रामीणों को परेशानी होती है. ग्रामीण बताते हैं कि गांव में सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं है. इलाज के लिए ग्रामीणों को 24 किमी दूर उकरी सीएचसी आना पड़ता है.
ग्रामीणों की समस्याएं जानने पहुंचे सांसद प्रतिनिधि:
ग्रामीणों की समस्याओं की सुध लेने के लिए खूंटी सांसद प्रतिनिधि राज बागची गांव पहुंचे. ग्रामीणों के साथ बैठक कर समस्याओं से अवगत हुए. बैठक में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं बतायी. सांसद प्रतिनिधि ने अधिकारियों को इसकी जानकारी देकर समाधान का आश्वासन दिया. मौके पर राहुल मोदी, संजय मांझी, विनोद माझी आदि उपस्थित थे.ग्रामीणों की मेहनत से बना चुआं ही जीवन का सहारा
ग्रामीण बताते हैं कि गांव में पेयजल की गंभीर समस्या है. इस कारण ग्रामीणों ने खुद की मेहनत से एक चुआं (छोटा गड्ढा) बनाया है, जिससे पीने और अन्य दैनिक जरूरतों का पानी जुटाया जाता है. लगभग छह फीट गहरे इस गड्ढे से ग्रामीण न केवल अपनी प्यास बुझाते हैं, बल्कि नहाने-धोने जैसे कार्य भी इसी पानी से करते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के मौसम में यह समस्या और भी विकराल हो जाती है. चुआं का पानी स्वच्छ न होने के कारण लोग अक्सर बीमार पड़ जाते हैं और नहाने में भी कठिनाई होती है. प्रशासन द्वारा अबतक कोई ठोस पहल नहीं की गयी है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
