सरायकेला से प्रताप मिश्रा की रिपोर्ट
Saraikela News: झारखंड के सरायकेला सिविल कोर्ट परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अनिल कुमार चौधरी उपस्थित रहे. लोक अदालत के सुचारु संचालन के लिए कुल छह बेंचों का गठन किया गया था. इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डीएलएसए अध्यक्ष रामशंकर सिंह, उपायुक्त नितिश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक मुकेश लुणावत, उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, एसडीओ अभिनव प्रकाश सहित कई न्यायिक पदाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वादकारी और आम लोग भी शामिल हुए.
सरायकेला और चांडिल में 7,626 मामलों का हुआ निष्पादन
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान सरायकेला और चांडिल अनुमंडल न्यायालय की विभिन्न बेंचों द्वारा कुल 7,626 मामलों को सुनवाई के लिए लिया गया. इनमें से बड़ी संख्या में मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निष्पादन किया गया. इस प्रक्रिया के दौरान लगभग 2 करोड़ 35 लाख रुपये की राजस्व राशि की वसूली भी की गई. डीएलएसए के सचिव तौसिफ मेराज ने बताया कि इस बार लोक अदालत में मामलों के निपटारे की संख्या पिछले लोक अदालत की तुलना में अधिक रही, जो न्याय व्यवस्था के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है.
विभिन्न प्रकार के मामलों का हुआ समाधान
लोक अदालत में कई तरह के मामलों का समाधान किया गया. इनमें राजस्व से जुड़े मामले, दीवानी वाद, समझौता योग्य आपराधिक मामले, बिजली से संबंधित विवाद, एनआई एक्ट से जुड़े मामले, पुलिस अधिनियम और मोटर वाहन अधिनियम से जुड़े छोटे मामलों का निपटारा किया गया. लोक अदालत के माध्यम से लोगों को त्वरित, सरल और सौहार्दपूर्ण न्याय मिलने का अवसर मिला. इस व्यवस्था के तहत दोनों पक्षों की सहमति से विवादों का समाधान किया गया, जिससे अदालतों में लंबित मामलों की संख्या कम करने में भी मदद मिली.
सरकारी योजनाओं के लाभ भी वितरित किए गए
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सरकारी विभागों की योजनाओं के अंतर्गत लाभुकों को मुख्य अतिथि द्वारा लाभ भी प्रदान किया गया. इससे कार्यक्रम में शामिल लोगों को न्याय के साथ-साथ सरकारी योजनाओं की जानकारी और उसका लाभ भी मिला. अधिकारियों ने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य केवल विवादों का निपटारा करना ही नहीं, बल्कि समाज में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाना और लोगों को न्यायिक प्रक्रिया के प्रति जागरूक करना भी है.
न्यायालय परिसर में किया गया वृक्षारोपण
कार्यक्रम के समापन के बाद न्यायालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान न्यायमूर्ति अनिल कुमार चौधरी समेत अन्य अधिकारियों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया. अधिकारियों ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की बड़ी जरूरत है और वृक्षारोपण के माध्यम से प्रकृति को सुरक्षित रखने का संदेश समाज तक पहुंचाया जाना चाहिए.
इसे भी पढ़ें: झारखंड के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में खून की कमी, दर-दर भटक रहे मरीजों के परिजन
न्यायमूर्ति ने वृद्धाश्रम का किया दौरा
अपने सरायकेला प्रवास के दौरान न्यायमूर्ति अनिल कुमार चौधरी ने सरायकेला स्थित एक वृद्धाश्रम का भी दौरा किया. वहां रह रहे बुजुर्गों से मुलाकात कर उन्होंने उनका हालचाल जाना और उनसे बातचीत की. इस दौरान न्यायमूर्ति ने वृद्धजनों के बीच कपड़े और मिठाइयां भी वितरित कीं. उनके साथ मौजूद उनकी धर्मपत्नी ने भी वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों से संवाद किया और उनका हालचाल पूछा. इस कार्यक्रम ने न केवल न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने का संदेश दिया, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों को भी उजागर किया.
इसे भी पढ़ें: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के आवास में सरहूल पूजा, बोले- प्रकृति के सम्मान का जीवंत प्रतीक
