Saraikela: प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामाशंकर सिंह की अदालत ने शादी का झांसा देकर नाबालिग के साथ लगातार 5 सालों तक यौन शोषण करने के आरोपी सुशांत कुमार महतो को दोषी करार देते हुए 22 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा और 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है. जुर्माना नहीं देने पर आरोपी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास का सजा भुगतना पड़ेगा. आरोपी के खिलाफ अदालत ने प्रयाप्त साक्ष्य के आधार पर पॉक्सो एक्ट अंडर सेक्शन 6 के तहत सजा सुनाई है.
क्या था मामला
मामला नीमडीह थाना क्षेत्र का है. मामले में पीड़िता ने अभियुक्त सुशांत कुमार महतो के खिलाफ शादी का झांसा देकर एक नाबालिग शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया गया था. मामले में कहा गया है कि पीड़िता वर्ष 2016 में जब नौवीं कक्षा की छात्रा थी, उस समय उसकी दोस्ती आरोपी के साथ हो गई. आरोपी पीड़िता को शादी का झांसा देकर वर्ष 2021 तक उससे शारीरिक संबंध बनाता रहा. 2021 में आरोपी की शादी दूसरी लड़की के साथ तय हो गई.
इसपर पीड़िता ने जब आरोपी से उसके साथ शादी करने की बात कही तो वह बात को टाल दिया और उसके साथ झगड़ा करने लगा. पीड़िता के माता पिता को जब झगड़े की बात पता चली तो पीड़िता ने सारी घटना बताई. इसके बाद पीड़िता द्वारा वर्ष 2021 में न्यायालय में परिवाद दायर किया गया. कोर्ट के निर्देश पर नीमडीह थाना में मामला दर्ज किया गया.
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