Seraikela Kharsawan News : सरायकेला-खरसावां में बारिश से धान व सब्जी की खेती प्रभावित, किसान चिंतित
सरायकेला-खरसावां में धान की खेती करने वाले किसानों को इस वर्ष लगातार हुई अत्याधिक बारिश की वजह से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
खरसावां.
सरायकेला-खरसावां में धान की खेती करने वाले किसानों को इस वर्ष लगातार हुई अत्याधिक बारिश की वजह से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. जिले में मई से सितंबर तक सामान्य से अधिक बारिश हुई है, जिससे धान की फसल को नुकसान पहुंच रहा है. धान की फसल में बाली आने और दाना भरने का समय चल रहा है, लेकिन लगातार बारिश के कारण किसानों को उत्पादन में कमी की आशंका है. मई-जून में बीज की बुआई के समय भी अतिवृष्टि के कारण बीज सड़ने से नुकसान हुआ था, जबकि फसल रोपाई के बाद अत्यधिक बारिश से रोग लगने की समस्या भी उत्पन्न हुई. किसान कहते हैं कि यदि मौसम ऐसे ही बना रहा, तो नुकसान से बचा नहीं जा सकता है.छह दिनों में 46.7 एमएम बारिश हुई
पिछले छह दिनों में सरायकेला-खरसावां जिले में 46.7 एमएम बारिश दर्ज की गयी है, जबकि अक्तूबर माह की सामान्य बारिश 52.7 एमएम है. अक्तूबर में आमतौर पर मानसून समाप्त हो जाता है, लेकिन इस साल अक्तूबर में भी बारिश जारी है, जिससे किसान चिंतित हैं.बाली आने के समय में बारिश से होगा नुकसान
धान की खेती कर रहे किसानों ने बताया कि बाली आने के समय में हो रही लगातार बारिश से पैदावार प्रभावित हो सकती है. तेज बारिश के कारण फसल गिर रही है. ऊपरी सतह वाले खेतों में फसल पक चुकी है, जबकि निचले खेतों में दाने बनने की प्रक्रिया बारिश के कारण बाधित हो रही है.
तेज हवा से फसल खेत में गिरी
तेज हवा के साथ हुई बारिश के कारण कुछ खेतों में रोपी गयी धान की फसल गिर गयी है. धान की बालियां पूरी तरह निकल चुकी थीं, जिससे फसल को बड़ा नुकसान हुआ है. किसानों ने बताया कि अधिक बारिश से धान की खेती प्रभावित हुई है और भविष्य में भी बारिश जारी रहने से पैदावार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.खेतों में जलजमाव से सब्जियों को नुकसान
साथ ही, खेतों में जलजमाव की वजह से सब्जी की खेती भी व्यापक रूप से प्रभावित हुई है. नारायणपुर के किसान खेतरो मोहन साहू ने बताया कि इस वर्ष बारिश के कारण फूलगोभी, बंधागोभी, टमाटर, बैगन और हरी मिर्च की फसल को भारी नुकसान हुआ है. खेतों में पानी जमा होने से कई सब्जी की फसलें सड़ गयी हैं. आलू की खेती के लिए बीज लगाने का समय भी आ गया है, लेकिन लगातार बारिश के कारण खेत तैयार नहीं हो पा रहे हैं. किसान मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं.
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