खेत में बिछाए जाल में फंसा 6 फीट का विशालकाय अजगर, वन विभाग ने किया रेस्क्यू

Seraikela News: सरायकेला-खरसावां के कुकड़ू गांव में खेत में बिछाए गए जाल में फंसा छह फीट लंबा अजगर वन विभाग की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू किया. वन रक्षी कैलाश महतो और हाथी मित्र तापस कर्मकार की टीम ने अजगर को डाटम जंगल में छोड़ दिया. घटना से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

चांडिल से हिमांशु गोप की रिपोर्ट

Seraikela News: सरायकेला-खरसावां जिले के कुकड़ू प्रखंड स्थित कुकड़ू गांव में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक खेत में बिछाए गए जाल में करीब छह फीट लंबा विशालकाय अजगर फंस गया. अजगर को तड़पते देख ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया. सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षित रेस्क्यू अभियान चलाया और अजगर को जंगल में छोड़ दिया.

खेत में तड़पते अजगर को देख सहम गए ग्रामीण

जानकारी के अनुसार कुकड़ू गांव निवासी भुवनेश्वर कुमार ने अपने खेत में जाल लगाया था. शनिवार दोपहर करीब तीन बजे लोगों की नजर जाल में फंसे एक विशालकाय अजगर पर पड़ी. लगभग छह फीट लंबे अजगर को छटपटाते देख आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचने लगे. देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई और कई लोग भयभीत हो उठे.

वन विभाग को दी गई सूचना

ग्रामीणों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी. सूचना मिलते ही वन रक्षी कैलाश महतो और हाथी मित्र तापस कर्मकार रेस्क्यू टीम के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुए. टीम के पहुंचने के बाद ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी पर रहने की सलाह दी गई.

काफी मशक्कत के बाद निकाला गया बाहर

रेस्क्यू टीम ने सावधानी के साथ अभियान शुरू किया. जाल में बुरी तरह उलझे अजगर को बाहर निकालना आसान नहीं था. काफी प्रयास और सतर्कता के बाद टीम ने अजगर को सुरक्षित जाल से बाहर निकाल लिया. इस दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि अजगर को किसी प्रकार की गंभीर चोट न पहुंचे.

स्वास्थ्य जांच के बाद जंगल में छोड़ा गया

रेस्क्यू के बाद वन विभाग की टीम ने अजगर की स्थिति की जांच की. प्राथमिक रूप से उसकी हालत सामान्य पाई गई. इसके बाद उसे सुरक्षित तरीके से डाटम जंगल में छोड़ दिया गया. वन विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और टीम के प्रयासों की सराहना की.

वन विभाग ने लोगों से की अपील

वन विभाग के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के वन्यजीव के दिखाई देने पर घबराने या उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश न करें. ऐसे मामलों में तुरंत विभाग को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित टीम सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर सके.

इसे भी पढ़ें: पेंशनधारी महिला से 72,500 रुपये ठग लिये साइबर फ्रॉड, गुमला थाने में प्राथमिकी दर्ज

बढ़ रहे मानव और वन्यजीव संपर्क के मामले

जानकारों का मानना है कि जंगलों के आसपास बसे क्षेत्रों में मानव और वन्यजीवों का संपर्क लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में जागरूकता और सतर्कता बेहद जरूरी है. समय पर सूचना मिलने से न केवल लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है, बल्कि वन्यजीवों के संरक्षण में भी मदद मिलती है. कुकड़ू गांव की यह घटना इसका ताजा उदाहरण है.

इसे भी पढ़ें: रामगढ़ के अरगड्डा में अवैध खनन बना काल, कोयला खोदने के दौरान चार लोगों की मौत

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >