स्थानीय व नियोजन नीति समेत छह मांगों को लेकर आंदोलनकारियों ने सौंपा ज्ञापन

झारखंड आंदोलनकारियों ने स्थानीय और नियोजन नीति समेत छह सूत्री मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा. मांगें पूरी न होने पर नवंबर से आंदोलन की चेतावनी दी.

खरसावां : झारखंड आंदोलनकारियों ने शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम मुख्यमंत्री सचिवालय में ज्ञापन सौंपकर छह सूत्री मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की. आंदोलनकारियों ने कहा - झारखंड अलग राज्य के गठन के लिए लंबे संघर्ष में कई लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी. कई परिवार उजड़ गये. महिलाओं ने अपना सुहाग खोया. बावजूद राज्य गठन के 26 वर्ष बाद भी आंदोलनकारियों की समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हुआ है.

स्थानीय नीति व नियोजन नीति लागू करने की मांग

ज्ञापन में आंदोलनकारियों ने झारखंडियों के हित में वर्ष 1932 आधारित स्थानीय नीति एवं नियोजन नीति लागू करने की मांग की है. साथ ही पेसा नियमावली-2025 में संशोधन कर पेसा कानून 1996 के मूल भावना एवं 23 प्रमुख प्रावधानों को पूरी तरह लागू करते हुए ग्राम सभाओं को संवैधानिक अधिकार देने की मांग की है.

झारखंड आंदोलनकारियों की सम्मान राशि 20 हजार करने की मांग

सरकार से झारखंड आंदोलनकारियों ने सम्मान राशि बढ़ाकर न्यूनतम 20 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की है. साथ ही प्रत्येक आंदोलनकारी के एक आश्रित को उसकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी में सीधी नियुक्ति देने का आग्रह किया. ज्ञापन में पश्चिमी सिंहभूम जिले के मुफस्सिल थाना में केस नंबर 73/89 के मामले में स्थानीय आंदोलनकारियों की अनदेखी कर दूसरे थाना क्षेत्रों के कथित फर्जी आंदोलनकारियों को चिह्नित किये जाने की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गयी. गलत तरीके से लाभ पहुंचाने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की गयी. साथ ही वन अधिकार अधिनियम, 2006 का सख्ती से अनुपालन करने तथा अगले 50 वर्षों तक भूमि अधिग्रहण पर रोक लगाने की मांग की. आंदोलनकारियों ने सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए दो माह के भीतर कार्रवाई का आग्रह किया. मांगें पूरी नहीं होने पर नवंबर से झारखंडियों के न्याय, सम्मान, हक और अधिकार के लिए आंदोलन करने की चेतावनी दी.

ज्ञापन सौंपने के दौरान ये रहे मौजूद

ज्ञापन सौंपने वालों में धनपति सरदार, सोनाराम सोरेन, सुखलाल हेंब्रम, वीरेंद्र पाड़ेया, लखन मुदुईया, राजेश मुंडरी, शांति प्रधान, मृत्युंजय किस्कू, सोम चांद माझी, भगत बेसरा, बिजली माझीयान, सोमचांद सिंह सरदार, योगेश्वर बेसरा, दुर्गा हो, तारापद महतो, जन्मदय मंडल व पुलक सन्पथी समेत अन्य शामिल थे.


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लेखक के बारे में

By शचिंद्र कुमार दाश

शचिंद्र कुमार दाश प्रभात खबर के वरीय संवाददाता हैं और हिंदी पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वे झारखंड और ओडिशा की राजनीति, प्रशासन, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकार, कानून-व्यवस्था तथा जनहित से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग करते हैं। इसके साथ ही कला, भाषा, संस्कृति, आध्यात्म और समसामयिक विषयों पर लेखन में उनकी विशेष रुचि है। नई जानकारियां जुटाना और उन्हें प्रमाणिक तथ्यों के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, खेल, पर्यावरण, साहित्य, संस्कृति से जुड़े विषयों को समेटती है। शचिंद्र कुमार दाश ग्राउंड रिपोर्टिंग पर विशेष जोर देते हैं। वे घटनास्थल पर पहुंचकर तथ्यों के आधार पर समाचार प्रस्तुत करने तथा आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का प्रयास करते हैं।

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