Seraikela Kharsawan News : लोगों को मिला आजीविका का विकल्प

खरसावां. कुदासिंगी में ऑयस्टर मशरूम उत्पादन पर प्रशिक्षण कार्यक्रम

By ATUL PATHAK | September 10, 2025 10:59 PM

खरसावां.

खूंटपानी स्थित बिंज के उद्यान महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने खरसावां प्रखंड के कुदासिंगी गांव में ऑयस्टर (ढींगरी) मशरूम उत्पादन पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया. इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीणों को मशरूम उत्पादन के माध्यम से आजीविका और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना था. कार्यक्रम का नेतृत्व महाविद्यालय के सह-अधिष्ठाता (डीन) डॉ. अरुण कुमार सिंह ने किया. उन्होंने बताया कि मशरूम उत्पादन न केवल कम लागत में शुरू किया जा सकता है, बल्कि प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के ज़रिये इसे एक पूर्ण व्यवसाय में बदला जा सकता है. डॉ. सिंह ने विद्यार्थियों को भी ग्राम स्तर पर ऐसे विस्तार कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया.

दूरस्थ क्षेत्र में पहली बार ऐसा आयोजन :

कार्यक्रम में कृष्णापुर पंचायत की मुखिया रश्मि सोय ने विशेष रूप से शिरकत की. उन्होंने कहा, “दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह का कार्यक्रम पहली बार हुआ है. यह पहल ग्रामीणों के जीवन में बदलाव लाएगी और आय बढ़ाने में सहायक होगी. उन्होंने मशरूम उत्पादन को रोजगार सृजन और पलायन रोकने का प्रभावी माध्यम बताया और कॉलेज की इस पहल की सराहना की. साथ ही, उन्होंने भविष्य में किसानों को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया.

विद्यार्थियों ने किया व्यावहारिक प्रदर्शन :

प्रशिक्षण के दौरान महाविद्यालय की छात्रा त्रिशना महतो के नेतृत्व में विद्यार्थियों की टीम ने इच्छुक ग्रामीणों के साथ मिलकर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया. उन्होंने मशरूम बैग की तैयारी, रखरखाव और उत्पादन की तकनीकें विस्तार से समझायी.

15 किसानों को दिये गये तैयार मशरूम बैग

प्रशिक्षण के अंत में महाविद्यालय की ओर से 15 किसानों को तैयार ””””फ्रूटिंग मशरूम बैग्स”””” वितरित किए गए, ताकि वे तुरंत उत्पादन प्रारंभ कर सकें और स्वयं अनुभव प्राप्त करें. यह प्रयास ग्रामीणों को तकनीक से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

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