शिलान्यास के 2 साल बाद भी अधूरी सड़क, आखिर कहां अटका पीसीसी पथ का काम

चांडिल के चौका आदरडीह गांव में दो साल बाद भी पीसीसी सड़क का निर्माण अधूरा है. बारिश में कीचड़ के कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

चांडिल: कुकड़ू प्रखंड की इचाडीह पंचायत के चौका आदरडीह गांव में सड़क निर्माण की तस्वीर सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच अंतर को उजागर कर रही है. रांची संसदीय क्षेत्र के सांसद सह केंद्रीय राज्य रक्षा मंत्री संजय सेठ द्वारा वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले शिलान्यास किए गए पीसीसी पथ का निर्माण आज तक पूरा नहीं हो सका है. अरुण धीवर के घर से दिगंबर महतो के घर तक बनने वाली इस सड़क के अधूरे रहने से ग्रामीणों को बारिश के मौसम में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

सड़क के कीचड़ में फंस जा रही हैं गाड़ियां

सड़क की बदहाल स्थिति का सबसे गंभीर मामला इस बार बारिश में सामने आया, जब गांव में ग्रामीणों को अस्पताल, प्रखंड मुख्यालय आदि जगह जाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही हैं. गाड़ी सड़क के कीचड़ में फंस जा रही हैं. जब गाड़ी आगे नहीं बढ़ती, तो ग्रामीणों ने ट्रैक्टर की मदद से उसे खींचकर बाहर निकाल रहा हैं. इस जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है.

2 साल पहले हुआ शिलान्यास

ग्रामीणों ने बताया कि उक्त पीसीसी पथ का शिलान्यास वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले किया गया था. शिलान्यास के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि जल्द ही सड़क का निर्माण पूरा हो जाएगा और वर्षों से चली आ रही परेशानी से निजात मिलेगी. लेकिन करीब दो साल बीत जाने के बाद भी सड़क का काम अधूरा पड़ा है. सड़क के अधूरे हिस्से में बारिश होने के बाद कीचड़ और पानी जमा हो जाता है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है.

ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की समस्या को देखते हुए वे हर वर्ष श्रमदान कर रास्ते को किसी तरह आवागमन योग्य बनाते हैं. मिट्टी, पत्थर और अन्य सामग्री डालकर ग्रामीण सड़क को चलने लायक बनाने का प्रयास करते हैं. इसके बावजूद लगातार बारिश के दौरान सड़क की स्थिति फिर खराब हो जाती है. इस बार रुक-रुककर हो रही बारिश ने समस्या को और गंभीर कर दिया है.

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क केवल सामान्य आवागमन का साधन नहीं है, बल्कि गांव के लोगों के लिए अस्पताल, बाजार, स्कूल और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है. सड़क खराब होने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और मरीजों को होती है. बारिश के दिनों में चारपहिया वाहन का इस रास्ते से गुजरना मुश्किल हो जाता है.

परेशानी जस की तस

ग्रामीणों ने सांसद और संबंधित विभाग के अधिकारियों से अधूरे पीसीसी पथ का निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि शिलान्यास के बाद सड़क निर्माण की उम्मीद जगी थी, लेकिन काम पूरा नहीं होने से उनकी परेशानी जस की तस बनी हुई है. ग्रामीणों ने कहा कि अब उन्हें श्रमदान के भरोसे नहीं, बल्कि स्थायी और गुणवत्तापूर्ण सड़क की जरूरत है.


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By Himanshu gope

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