सरायकेला : प्याज की बढ़ी कीमत अब लोगों को रुलाने लगी है. कुछ दिन पहले तक 25 से 30 रुपये प्रति किलो बिकने वाला प्याज अब सरायकेला बाजार में 60 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है. अचानक दाम दोगुना होने से आम लोगों की रसोई का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है. बाजार में सब्जी खरीदने आए लोगों का कहना है कि प्याज रोजमर्रा की जरूरत है और इसके बिना सब्जी का स्वाद ही नहीं बनता. लेकिन, कीमत बढ़ने के कारण अब लोगों को प्याज खरीदने से पहले सोचना पड़ रहा है. कई लोग पहले जहां एक किलो प्याज लेते थे, वहीं अब आधा या पाव किलो से ही काम चला रहे हैं. गृहिणियों का कहना है कि त्योहारों के समय में प्याज के दाम बढ़ने से घर का खर्च बढ़ गया है.
दाम बढ़ने के पीछे ये हैं मुख्य कारण
व्यापारियों के अनुसार प्याज के दाम बढ़ने के कई कारण हैं. सबसे बड़ा कारण है नासिक और महाराष्ट्र से आयात कम होना. इस साल बारिश के कारण प्याज की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है. खेतों में पानी भरने से प्याज सड़ गए हैं. इससे उत्पादन कम हो गया है. दूसरा कारण है परिवहन खर्च में वृद्धि. डीजल के दाम बढ़ने से ट्रकों का भाड़ा बढ़ गया है. इसका असर सीधे प्याज की कीमत पर पड़ रहा है. सरायकेला में प्याज बाहर से आता है, इसलिए भाड़ा बढ़ने से कीमत और बढ़ जाती है.
सावन के बाद कीमतों में हुआ इजाफा
इसके अलावा सावन में मांग कम रहने के बाद अब त्योहारों के कारण मांग अचानक बढ़ गई है, जबकि आपूर्ति उस हिसाब से नहीं हो पा रही है. खुदरा विक्रेताओं पिंटू साहू ने बताया - थोक मंडी में ही प्याज 50 रुपये किलो मिल रहा है. इसलिए, उन्हें 60 रुपये बेचना पड़ रहा है. उनका कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में अगर नई फसल बाजार में नहीं आई तो कीमत 70 से 80 रुपये तक पहुंच सकती है.
