खरसावां. सीनी स्थित वीएस पब्लिक स्कूल में "नो बैग डे" उत्साह और नवाचार के साथ मनायी गयी. इस अवसर पर एलकेजी से कक्षा 10 तक के विद्यार्थियों ने बिना किताब, कॉपी और बैग के विभिन्न गतिविधि आधारित कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. पूरे दिन विद्यालय परिसर में रचनात्मक और शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन हुआ. बच्चों ने खेल-खेल में नयी चीजें सीखीं और अपनी प्रतिभा का भी प्रदर्शन किया. बड़े बच्चों ने दिखाई रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच कक्षा तीन से पांच तक के विद्यार्थियों ने बेकार वस्तुओं से उपयोगी व सजावटी सामग्री तैयार कर अपनी रचनात्मक सोच का परिचय दिया. वहीं कक्षा छह से दस तक के विद्यार्थियों के लिए गणितीय पजल, चार्ट निर्माण, विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी, विज्ञान एवं गणित क्विज तथा बालिका सुरक्षा विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये गये. सीपीआर प्रशिक्षण बना आकर्षण का केंद्र कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मेडिकल ऑफिसर डॉ. पंकज एवं डॉ. शुभम द्वारा दिया गया सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) और प्राथमिक उपचार का व्यावहारिक प्रशिक्षण रहा. चिकित्सकों ने विद्यार्थियों को आपातकालीन परिस्थितियों में किसी व्यक्ति की जान बचाने के लिए आवश्यक प्राथमिक उपचार और सीपीआर की विधि समझायी. विद्यार्थियों ने भी उत्साह के साथ इसका अभ्यास किया. नन्हे बच्चों ने खेलों के माध्यम से सीखी नयी बातें एलकेजी और यूकेजी के बच्चों के लिए रुई के गोलों की दौड़, भाव-सूचक अभिनय, लिटिल शेफ गतिविधि, सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श की जानकारी तथा मिट्टी से आकर्षक आकृतियां बनाने जैसी गतिविधियां आयोजित की गयी. वहीं कक्षा एक और दो के विद्यार्थियों ने गुब्बारा फोड़ प्रतियोगिता, छोटे-छोटे विज्ञान प्रयोग, एकाग्रता बढ़ाने वाले खेल और ओरिगामी कला का आनंद लिया. व्यवहारिक शिक्षा और रचनात्मक सोच पर जोर विद्यालय की प्राचार्या सुजाता महापात्र की देखरेख में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक शिक्षा और रचनात्मक सोच से जोड़ना था. पूरे आयोजन में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और "नो बैग डे" को यादगार बना दिया.
‘नो बैग डे’ पर खेल-खेल में बच्चों ने अपनी प्रतिभा का किया प्रदर्शन

बच्चों को संबोधित करती प्राचार्य सुजाता महापात्र
खरसावां के वीएस पब्लिक स्कूल में नो बैग डे पर बच्चों ने खेल-खेल में रचनात्मक गतिविधियों और सीपीआर प्रशिक्षण के जरिए जीवनोपयोगी कौशल सीखे.