राजनगर : पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय सिजुलता में शनिवार को अभिभावक-शिक्षक समिति की बैठक प्रभारी प्राचार्य डॉ रविन्द्र राम की अध्यक्षता में हुई. इसमें विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, विद्यार्थियों की समस्याओं, अनुशासन और आगामी परीक्षाओं में बेहतर परिणाम को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की गयी. इस दौरान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय प्रबंधन और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर भी जोर दिया गया.
छात्रावास में कोई भी विद्यार्थी नहीं रखेगा मोबाइल
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि छात्रावास में कोई भी विद्यार्थी मोबाइल फोन नहीं रखेगा. यदि किसी विद्यार्थी के पास छात्रावास में मोबाइल फोन पाया जाता है, तो उसके अभिभावक को अभिभावक-शिक्षक समिति की बैठक में उपस्थित होकर सभी सदस्यों के समक्ष यह बताना होगा कि उन्होंने अपने बच्चे को मोबाइल फोन किस कारण से दिया है.
छात्रावास में मोबाइल रखने पर सख्ती बरतने का निर्णय
विद्यालय प्रबंधन ने विद्यार्थियों की पढ़ाई और अनुशासन को ध्यान में रखते हुए छात्रावास में मोबाइल रखने पर सख्ती बरतने का निर्णय लिया. बैठक में बताया गया कि 16 सितंबर से परीक्षा शुरू होगी. साथ ही मैट्रिक और इंटर की परीक्षा में विद्यार्थियों का परिणाम बेहतर करने को लेकर भी रणनीति पर चर्चा की गयी. विद्यार्थियों की पढ़ाई में किसी तरह की कमी न रह जाए. इसके लिए शिक्षकों द्वारा नियमित रूप से उनकी शैक्षणिक प्रगति का आकलन करने तथा कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने की बात कही गयी.
शिक्षक और अभिभावक दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण है
प्रभारी प्राचार्य डॉ रविन्द्र राम ने कहा - विद्यार्थियों के बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए शिक्षक और अभिभावक दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण है. बच्चे विद्यालय के छात्रावास में रहते हैं, इसलिए अभिभावक समय-समय पर विद्यालय से संपर्क कर अपने बच्चों की पढ़ाई, अनुशासन और प्रगति की जानकारी लेते रहें. विद्यालय प्रबंधन भी विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल देने तथा परीक्षा परिणाम में सुधार के लिए लगातार प्रयास कर रहा है.
बैठक में ये थे मौजूद
बैठक में शिक्षक भरत शर्मा, मनोज कुमार शीट, कमरुद्दीन, संगीता यादव, अरविंद कुमार यादव तथा समिति के सदस्य जगन्नाथ लोहार, राजाराम महतो, गुलाबी महतो, मलाती हेम्ब्रम, रविसेन मंडल, निरेन चंद्र सोरेन, साधान गोराई, संतोष कुमार सिंह आदि उपस्थित थे.
