सरायकेला : जिला विधिक सेवा प्राधिकार सरयकेला खरसावां के तत्वावधान में शनिवार को सरायकेला सिविल कोर्ट परिसर एवं चांडिल अनुमंडलीय न्यायालय में आयोजित इस वर्ष का तीसरा राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी संख्या में मामलों का निष्पादन किया गया. राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नयी दिल्ली एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, रांची के निर्देश पर आयोजित लोक अदालत में आपसी समझौते एवं सौहार्दपूर्ण तरीके से विवादों का समाधान किया गया.
लोक अदालत में 7834 मामलों का हुआ निष्पादन
लोक अदालत में जिले में कुल 7,834 मामलों का समझौता का निष्पादन हुआ. 92 लाख 23 हजार 851 रुपये की राशि वसूल की गयी. मौके पर मुख्य रूप से डीएलएसए अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवम सत्र न्यायाधीश रमाशंकर सिंह उपस्थित थे. उन्होंने मामलों को लेकर जानकरी हासिल किया.
मामलों के गठन के लिए बनाये गए थे आठ बेंच
लोक अदालत के सफल संचालन के लिए जिले में आठ पीठों का गठन किया गया था, इनमें सरायकेला सिविल कोर्ट में छह और चांडिल अनुमंडलीय न्यायालय में दो पीठ शामिल थीं. पीठों के समक्ष विभिन्न प्रकार के लंबित मामलों के साथ-साथ प्री-लिटिगेशन मामलों को भी रखा गया. इनमें 1,324 लंबित मामलों का निष्पादन किया गया, जबकि प्री-लिटिगेशन मामलों को शामिल करते हुए कुल 7,834 मामलों का निपटारा हुआ.
14 जुलाई से चल रही थी तैयारी
लोक अदालत को सफल बनाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से 14 जुलाई से प्री-कॉन्सिलिएशन बैठकें आयोजित की जा रही थीं. इन बैठकों में पक्षकारों को आपसी सहमति और समझौते के आधार पर विवादों के समाधान के लिए प्रेरित किया गया.
विगत लोक अदालत में 1161 मामलों का निष्पादन
पिछले वर्ष जिले में 1,261 लंबित मामलों का निष्पादन हुआ था. प्री-लिटिगेशन मामलों समेत 6,400 से अधिक मामलों का निपटारा किया गया था. इस वर्ष के अंतरिम आंकड़े पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर रहे हैं. डीएलएसए सचिव तौसीफ मिराज ने बताया - लोक अदालत के माध्यम से मामलों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान से पक्षकारों के समय और धन की बचत होती है तथा लंबे समय तक चलने वाले मुकदमों से भी राहत मिलती है.मौके पर कई न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित थे.
