सरायकेला : सरायकेला की कमलपुर पंचायत के घोड़ालांग गांव के लोग आज भी विकास की मुख्यधारा से कटे हुए हैं. घोड़ालांग में अलबा महतो के घर से बारीडीह टोला में अर्जुन दास के घर तक करीब 1.5 किलोमीटर सड़क कच्ची है. बारीडीह टोला के ग्रामीण इसी रास्ते से मुख्य सड़क तक पहुंचते हैं. पिछले 10 से 15 वर्षों से इसकी हालत खराब है.
बारिश के मौसम में इस सड़क से आवागमन करना चुनौती
बारिश में इस सड़क पर चलना किसी सजा से कम नहीं है. कीचड़ व गड्ढे के कारण पैदल चलना भी दूभर हो गया है. इस नारकीय स्थिति से तंग आकर घोड़ालांग और बारीडीह टोला के ग्रामीणों ने एक वर्ष पूर्व खूंटी के सांसद कालीचरण मुंडा को लिखित आवेदन देकर सड़क निर्माण की मांग की थी. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क से 10-12 गांव के लोग आवागमन करते हैं. वहीं, छोटे-छोटे बच्चे आंगनबाड़ी केंद्र व प्राथमिक विद्यालय घोड़ालांग पढ़ने जाते हैं.
विधायक-सांसद से सिर्फ आश्वासन मिला, नहीं हुई मरम्मत
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने सांसद, विधायक, डीडीसी कार्यालय और जिला परिषद को सूचित किया, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला है. टोला छोटा होने के कारण प्रशासन भी ध्यान नहीं देता है. अभिभावक अपने बच्चों को आंगनबाड़ी और प्राथमिक विद्यालय भेजने से कतराते हैं. एंबुलेंस चालक भी इस रास्ते पर आने से कतराते हैं. ग्रामीण मरीज को खाट पर मुख्य सड़क तक लाते हैं. ग्रामीणों ने कहा - यदि जल्द सड़क पक्कीकरण नहीं कराया गया, तो उनकी परेशानी बढ़ जायेगी.
