Seraikela news : बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ अगले माह से आंदोलन : चंपाई सोरेन

आदिवासी सांवता सुसार अखाड़ा के बैनर तले क्षेत्र का दौरा करेंगे, पाकुड़ समेत कई विस क्षेत्र में आदिवासी समाज अल्पसंख्यक हो चुका है, सरकार सिर्फ वोट बैंक की खातिर अनदेखा कर रही है

By Prabhat Khabar News Desk | February 21, 2025 12:13 AM

राजनगर. पूर्व मुख्यमंत्री सह स्थानीय विधायक चंपाई सोरेन ने कहा कि अगले महीने से आदिवासी सांवता सुसार अखाड़ा के बैनर तले संताल परगना समेत विभिन्न जिलों का दौरा करेंगे. जमीनी स्तर पर घुसपैठ, धर्मांतरण व समाज के अन्य मुद्दों पर वृहत आंदोलन किया जायेगा. वे गुरुवार को छोटा दावना पंचायत के लुपुंग निवासी सह पूर्व मुखिया गुरुपद महतो निधन पर उनके परिजन से मिलने के बाद राजनगर में पत्रकारों से बात कर रहे थे.

उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार हाई कोर्ट में कहती है कि संताल परगना में कोई बांग्लादेशी घुसपैठिया नहीं है. वहीं, दूसरी ओर नजमुल जैसे ना जाने कितने लोग आदिवासियों की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं. हमारी बहू-बेटियों की अस्मत से खिलवाड़ कर रहे हैं. सरकार सिर्फ वोट बैंक की खातिर अनदेखा कर रही है. पाकुड़ समेत कई विधानसभा क्षेत्र में आदिवासी समाज आज अल्पसंख्यक हो चुका है. उन्होंने सरकार पर सवाल करते हुए कहा कि जब एसपीटी एक्ट से जमीनों की ख़रीद-बिक्री नहीं हो सकती, तो घुसपैठिये किसकी जमीन पर बसे हैं. उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा राजनीतिक या चुनावी नहीं है. एक सामाजिक मुद्दा है, जो आदिवासी समाज के अस्तित्व से जुड़ा है. हम उनके अधिकारों के लिए लड़ते रहे हैं. अब इस संघर्ष को तेज करने का वक्त आ चुका है.

मौके पर भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष मेघराय मार्डी, हीरालाल सतपथी, बलदेव मंडल, भुवनेश्वर महतो, राम रतन महतो, हरे कृष्ण प्रधान, राजकपूर प्रधान, राकेश सतपथी, सुधांशु शेखर सतपथी आदि उपस्थित थे.

पूर्व मुखिया सह प्रोफेसर गुरुपद महतो का निधन, शोक

सरायकेला के बड़ालुपुंग निवासी पूर्व मुखिया सह व्याख्याता रहे गुरुपद महतो का बुधवार को निधन हो गया. वे लगभग 80 वर्ष के थे. परिजनों ने बताया कि वे स्वस्थ थे. बाथरूम में अचानक गिर गये. काफी देरी तक नहीं निकलने पर परिजनों ने दरवाजा खोला, तो बेहोश थे. उन्हें जमशेदपुर के टीएमएच ले जाया गया. वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया. उनके निधन की खबर से सरायकेला में शोक की लहर दौड़ गयी. वे दावना पंचायत में मुखिया के साथ सरायकेला से जिला परिषद सदस्य भी रहे थे. वे भाजपा, झामुमो जैसी राजनीतिक दलों से जुड़े रहे थे. उनके निधन पर पूर्व सीएम सह सरायकेला विधायक चंपाई सोरेन, झामुमो नेता गणेश महाली, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय सिंहदेव, झामुमो जिलाध्यक्ष डॉ शुभेंदु महतो, झामुमो जिला उपाध्यक्ष भोला महांती सहित कई नेताओं ने शोक प्रकट किया है.

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