सरायकेला से शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट
Jharkhand Assembly News: झारखंड विधानसभा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत कर्मियों के मानदेय में हो रही विसंगति का मुद्दा उठाया गया. सरायकेला-खरसावां से विधायक दशरथ गागराई ने तारांकित प्रश्न के माध्यम से इस मामले को सदन में रखते हुए सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा. उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मियों की मानदेय विसंगति दूर करने के लिए पहले ही एक समिति गठित की गई थी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है.
मानदेय विसंगति के समाधान की मांग
विधायक ने सदन में कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत झारखंड में बड़ी संख्या में कर्मी कार्यरत हैं. ये कर्मचारी लंबे समय से अपने मानदेय में असमानता को लेकर परेशान हैं. उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए अभियान निदेशक की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया था, जिसका उद्देश्य कर्मियों की शिकायतों और मानदेय संबंधी विसंगतियों की जांच कर समाधान करना था. हालांकि, समिति बनने के बावजूद अभी तक इस दिशा में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे कर्मियों में असंतोष बना हुआ है.
सरकार ने एचआर पॉलिसी बनने की दी जानकारी
इस सवाल के जवाब में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से लिखित उत्तर दिया गया. विभाग ने बताया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत कर्मियों के लिए नई एचआर पॉलिसी तैयार की जा रही है. इस एचआर पॉलिसी में मानव संसाधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को शामिल किया जा रहा है. इनमें अवकाश, शिकायत निवारण (ग्रिवांस रिड्रेसल) और मानदेय विसंगति के समाधान से जुड़े नियम शामिल होंगे. सरकार ने यह भी बताया कि एचआर पॉलिसी फिलहाल प्रक्रिया में है और इसे अंतिम रूप दिए जाने के बाद भारत सरकार से अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा.
अनुमोदन के बाद होगा अंतिम निर्णय
सरकार के अनुसार, एचआर पॉलिसी को भारत सरकार से मंजूरी मिलने के बाद उसमें शामिल नियमों के आधार पर एनएचएम कर्मियों की मांगों और शिकायतों पर निर्णय लिया जाएगा. इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद मानदेय विसंगति समेत अन्य समस्याओं का समाधान किया जा सकेगा.
छोटाबांबो से पदमपुर सड़क अपग्रेड करने की मांग
विधानसभा में विधायक दशरथ गागराई ने एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा भी उठाया. उन्होंने खरसावां प्रखंड के छोटाबांबो से पदमपुर तक की सड़क को आरसीडी (पथ निर्माण विभाग) के अंतर्गत अपग्रेड करने की मांग की. शून्यकाल के दौरान उन्होंने कहा कि छोटाबांबो से खरसावां होते हुए बलियाटांड, गितिलता, जामडीह, चिरुडीह, छोटाचाकड़ी, दलाईकेला होते हुए पदमपुर तक जाने वाला यह मार्ग फिलहाल ग्रामीण कार्य विभाग के अधीन है.
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सड़क अपग्रेड होने से क्षेत्र को मिलेगा लाभ
विधायक ने कहा कि यह सड़क क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ती है और लोगों की आवाजाही के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. लेकिन वर्तमान में इसकी स्थिति बेहतर नहीं है, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. उन्होंने सरकार से मांग की कि इस सड़क को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित किया जाए और इसे आरसीडी सड़क के रूप में अपग्रेड किया जाए. उनका कहना था कि यदि यह सड़क आरसीडी पथ के रूप में विकसित होती है तो इससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी और विकास की गति भी तेज होगी. विधानसभा में उठाए गए इन दोनों मुद्दों को लेकर अब लोगों की नजर सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है.
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