सरायकेला: प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना (मध्याह्न भोजन) के तहत दैनिक निगरानी के लिए संचालित ई-मध्याह्न एसएमएस आधारित ऑटोमेटेड मॉनिटरिंग सिस्टम में भारी लापरवाही उजागर हुई है.
लगातार निर्देश के बावजूद प्रतिदिन एसएमएस रिपोर्ट नहीं भेजने वाले जिले के 96 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है. जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसइ) अमित कुमार ने सभी लापरवाह शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगते हुए दो दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है. संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कड़ी अनुशासनिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.
समीक्षा में सामने आई लापरवाही
जिला मध्याह्न भोजन अनुश्रवण कोषांग द्वारा 22, 24 और 25 अगस्त को भेजे गये एसएमएस की गयी समीक्षा में यह चौंकाने वाला मामला सामने आया. विभागीय आदेश के तहत प्रत्येक कार्यदिवस पर एमडीएम संचालन की रिपोर्ट एसएमएस से भेजना अनिवार्य है, जिसकी निगरानी केंद्र और राज्य स्तर पर होती है.
विभाग का मानना है कि बार-बार ताकीद के बावजूद रिपोर्ट न भेजना सीधे तौर पर विभागीय आदेश की अवहेलना और राष्ट्रीय महत्व की इस योजना के प्रति गंभीर लापरवाही को दर्शाता है.
विभिन्न तिथियों में फिसड्डी साबित हुए 96 विद्यालय
लापरवाही बरतने वाले विद्यालयों में चांडिल, ईचागढ़, खरसावां, कुकड़ू, नीमडीह और सरायकेला प्रखंड के स्कूल शामिल हैं:
- 22 अगस्त (31 विद्यालय) : चांडिल (8), ईचागढ़ (7), खरसावां (8), कुकड़ू (1), नीमडीह (1) और सरायकेला (6)
- 24 अगस्त (37 विद्यालय) : चांडिल (10), ईचागढ़ (9), कुकड़ू (3), नीमडीह (13) और सरायकेला (2)
- 25 अगस्त (28 विद्यालय) : चांडिल (12), ईचागढ़ (6), खरसावां (1), कुकड़ू (3), नीमडीह (2) और सरायकेला (4)
संतोषजनक जवाब न मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई
जिला शिक्षा अधीक्षक अमित कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सभी संबंधित प्रधानाध्यापकों को तय समय-सीमा के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना होगा. यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो नियमों के तहत कठोर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. इस ताबड़तोड़ प्रशासनिक सख्ती से शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है.
