संवाददाता, खरसावां
खरसावां और कुचाई के ग्रामीण इलाकों में भी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की पहला रथ यात्रा श्रद्धा, आस्था और पारंपरिक उल्लास के साथ संपन्न हुई. विशेष बात यह रही कि खरसावां के दलाईकेला और कुचाई के बंदोलौहर गांव में स्थानीय परंपरा के अनुसार रथयात्रा दो दिनों तक चली. गुरुवार को श्रीमंदिर से प्रस्थान करने के बाद प्रभु जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा का रथ रातभर मार्ग में ही विश्राम करता रहा. शुक्रवार को पुनः यात्रा शुरू हुई और जय जगन्नाथ के जयघोष के बीच प्रभु जगन्नाथ गुंडिचा मंदिर पहुंचे, जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई.
आस्था के साथ श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह से महाप्रभु के रथ को गुंडिचा मंदिर तक पहुंचाया. रथ से श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद स्वरूप लड्डू का वितरण किया गया. मौके पर ग्रामीण मेले का भी आयोजन हुआ, जहां लोगों ने खरीदारी के साथ विभिन्न मनोरंजन कार्यक्रमों का आनंद लिया. इसके अलावा खरसावां प्रखंड के कुड़मा, पोटोबेड़ा और संतारी तथा कुचाई प्रखंड के चाकड़ी, पोंडाकाटा और बंदोलौहर सहित विभिन्न गांवों में भी प्रभु जगन्नाथ की रथयात्रा पूरे धार्मिक उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ निकाली गई.
