खरसावां : कुचाई प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) में प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीईईओ) संजय कुमार जोशी की अध्यक्षता में विभिन्न विद्यालयों के प्रभारी प्रधान शिक्षकों की गुरु गोष्ठी हुई. इसमें विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने व शिक्षा विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा हुई.
नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाने पर दिया जोर
गुरु गोष्ठी को संबोधित करते हुए बीईईओ संजय कुमार जोशी ने कहा - शिक्षकों की भूमिका केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में भी उनकी महत्वपूर्ण भागीदारी है. उन्होंने कहा - विद्यालयों में नियमित पठन-पाठन, विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए सभी शिक्षक जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करें. बच्चों में सीखने की क्षमता विकसित करने के लिए नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाने पर भी जोर दिया.
योजनाओं व शैक्षणिक गतिविधियों की हुई समीक्षा
बैठक में विद्यालयों में नामांकन एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन योजना, छात्रवृत्ति, यूनिफॉर्म वितरण, पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता, ई-विद्या वाहिनी, ई-केवाईसी, एसएमसी, शिक्षक बायोमेट्रिक उपस्थिति तथा विद्यार्थियों की हाजिरी समेत विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गयी. बीईईओ ने प्रभारी शिक्षकों को विद्यालयों में साफ-सफाई, अनुशासन एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के निर्देश दिया.
शिक्षकों को समय पर विद्यालय पहुंचने का निर्देश
आगामी शैक्षणिक गतिविधियों, मूल्यांकन कार्य, खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा की गयी. शिक्षकों को समय पर विद्यालय पहुंचने, विद्यालय के अभिलेखों को अद्यतन रखने तथा विभागीय निर्देशों का पालन करने को कहा गया. विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अभिभावकों से निरंतर संवाद बनाए रखने पर भी बल दिया गया. गोष्ठी में शिक्षकों ने अपने-अपने विद्यालयों की समस्याओं एवं सुझावों को रखा. बीईईओ ने समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विभागीय अधिकारियों और शिक्षकों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है. मौके पर बीपीओ मिहीर कुमार दास, लेखापाल कृष्णा मोहन महतो, सीआरपी राजेश प्रधान, कलेंदर प्रधान, सुधीर महतो, तिलक प्रसाद महतो, पंचु मार्डी, अरविंद सिंह, चमर सिंह मुंडा, गोपाल चंद्र पाल, यदुनाथ मुंडा समेत सभी प्रभारी शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे.
