खरसावां : गोपालपुर में पारंपरिक आषाढ़ी पूजा संपन्न, अच्छी फसल और समृद्धि की कामना

खरसावां के गोपालपुर गांव में पारंपरिक आषाढ़ी पूजा संपन्न हुई। ग्रामीणों ने अच्छी फसल, सुख-समृद्धि और गांव की खुशहाली के लिए विशेष प्रार्थना की।

सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां प्रखंड की कृष्णापुर पंचायत के गोपालपुर गांव में पारंपरिक आषाढ़ी पूजा श्रद्धा, आस्था और लोक परंपराओं के साथ संपन्न हुई. कृषि प्रधान इस गांव में हर वर्ष आषाढ़ माह में आयोजित होने वाली इस पूजा में ग्रामीणों ने अच्छी वर्षा, भरपूर फसल, गांव की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की. पूजा में पूरे गांव की सहभागिता रही और सामाजिक एकता की मिसाल देखने को मिली. ग्रामीणों का कहना है कि यह पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि गांव की सांस्कृतिक विरासत और सामुदायिक एकजुटता का प्रतीक भी है. गोराम ठाकुर, धरम देवता और मां पाउड़ी की हुई पूजा गांव के दिउरी लक्ष्मी नारायण महतो ने पारंपरिक विधि-विधान के साथ गोराम ठाकुर (ग्राम देवता), धरम देवता एवं मां पाउड़ी की पूजा-अर्चना कराई. पूजा के दौरान समय पर अच्छी वर्षा, कृषि कार्य की सफलता, गांव की सुख-शांति, रोग-मुक्ति और सभी परिवारों के कल्याण की प्रार्थना की गई.

ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए पूरे उत्साह के साथ अनुष्ठान में भाग लिया. हर परिवार की रही सहभागिता आषाढ़ी पूजा की सबसे बड़ी विशेषता गांव के प्रत्येक परिवार की भागीदारी रही. सभी परिवारों ने आर्थिक सहयोग के साथ पूजा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. पूजा के बाद ग्रामीणों ने गांव की एकता, भाईचारे और परंपराओं को आगे भी जीवित रखने का संकल्प लिया. इस अवसर पर कुंज बिहारी महतो, तुलसी महतो, मोहित लाल महतो, लालू महतो, सुनील कुमार तांती, राम प्रसाद महतो, मोहन लाल महतो, देवेंद्र महतो, रोहन महतो, जय कुमार महतो सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे. पूरे गांव में धार्मिक उल्लास और उत्सव का वातावरण बना रहा.


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Author: Sachindra Dash

Published by: Priya Gupta

शचिंद्र कुमार दाश प्रभात खबर के वरीय संवाददाता हैं और हिंदी पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वे झारखंड और ओडिशा की राजनीति, प्रशासन, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकार, कानून-व्यवस्था तथा जनहित से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग करते हैं। इसके साथ ही कला, भाषा, संस्कृति, आध्यात्म और समसामयिक विषयों पर लेखन में उनकी विशेष रुचि है। नई जानकारियां जुटाना और उन्हें प्रमाणिक तथ्यों के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, खेल, पर्यावरण, साहित्य, संस्कृति से जुड़े विषयों को समेटती है। शचिंद्र कुमार दाश ग्राउंड रिपोर्टिंग पर विशेष जोर देते हैं। वे घटनास्थल पर पहुंचकर तथ्यों के आधार पर समाचार प्रस्तुत करने तथा आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का प्रयास करते हैं।

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