खरसावां : खरसावां के तसर रेशम किसानों को गुणवत्तापूर्ण और बीमारी-मुक्त कीट बीज उपलब्ध कराने की दिशा में केंद्रीय रेशम बोर्ड ने गतिविधियां तेज कर दी हैं. सेंट्रल सिल्क बोर्ड के बेसिक तसर रेशम कीट बीज संगठन (बीटीएसएसओ), बिलासपुर की निदेशक डॉ. जी. पुनिथावती ने सहायक उद्योग निदेशक (कोल्हान) रवि शंकर प्रसाद के साथ अग्र परियोजना केंद्र खरसावां का दौरा कर बीज उत्पादन और कोकून प्रबंधन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया.
वैज्ञानिक तरीके से तसर बीज उत्पादन पर दिया जोर
निरीक्षण के दौरान निदेशक ने ग्रेनेज ऑपरेशन्स, कोकून हैंडलिंग, साफ-सफाई और कीटाणु-शोधन की प्रक्रिया को देखा. उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से तसर बीज उत्पादन पर जोर देते हुए कहा - स्थानीय रेशम कीट पालकों को अच्छी गुणवत्ता के बीमारी-मुक्त अंडे (DFLs) उपलब्ध कराने के लिए स्वच्छता मानकों का सख्ती से पालन जरूरी है. ग्रेनेज इकाइयों में नियमित कीटाणु-शोधन, उचित सफाई और बीजों के लिए अनुकूल स्टोरेज व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया गया.
चाईबासा यूनिट का भी किया निरीक्षण
इसके बाद बीटीएसएसओ बिलासपुर की निदेशक डॉ. जी. पुनिथावती ने रॉ मटीरियल बैंक (RMB), चाईबासा यूनिट का भी निरीक्षण किया. यहां कोकून मैनेजमेंट ऑपरेशन्स, हॉट-एयर स्टिफ्लिंग मशीनरी, कोकून ग्रेडिंग की प्रक्रिया और वैज्ञानिक भंडारण व्यवस्था की समीक्षा की गयी. अधिकारियों को कच्चे तसर उत्पादन में वृद्धि के लिए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने तथा किसानों को तकनीकी सहयोग देने के निर्देश दिये गये.
स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर
निदेशक ने गांवों के अधिक से अधिक लोगों को तसर रेशम उत्पादन से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी जोर दिया. उन्होंने आगामी कार्ययोजना के तहत उत्पादन, गुणवत्ता और प्रसंस्करण व्यवस्था को मजबूत करने को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये. मौके पर केंद्रीय रेशम बोर्ड के BSMTC, खरसावां के साइंटिस्ट-बी प्रदीप गुलाबराव डुकरे, खरसावां अग्र परियोजना पदाधिकारी नीतीश कुमार, रॉ मटीरियल बैंक (RMB) सहायक सचिव श्री राममोहन प्रमाणिक समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे.
