खरसावां : खरसावां प्रखड के रिडींग गांव स्थित पाउड़ी पीठ में मंगलवार को वार्षिक जंताल पूजा श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई. मां पाउड़ी की आराधना के लिए सुबह से ही पाउड़ी पीठ परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी. आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पूजा में शामिल होने पहुंचे. पूजा के दौरान क्षेत्र में अच्छी फसल, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की गयी.
विधि-विधान से की मां पाउड़ी की पूजा
जंताल पूजा की शुरुआत पाउड़ी पीठ के पूजारी हरिहर प्रसाद सिंहदेव ने विधि-विधान से मां पाउड़ी की पूजा-अर्चना कर की. इस दौरान पारंपरिक रीति के अनुसार मां पाउड़ी को प्रसन्न करने के लिए बकरा और भेड़ा की पूजा की गयी. श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में अपनी-अपनी मन्नतें मांगी. वहीं, मन्नत पूरी होने पर कई श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में चढ़ावा अर्पित किया.
पूजा के बाद हुई बारिश, श्रद्धालुओं में खुशी
जंताल पूजा संपन्न होने के बाद क्षेत्र में हल्की बारिश हुई. पूजा के तुरंत बाद बारिश होने को श्रद्धालुओं ने शुभ संकेत माना. लोगों का कहना था कि मां पाउड़ी की पूजा के बाद बारिश होना क्षेत्र के लिए शुभ है. इससे खेतों में लगी फसलों को भी लाभ मिलेगा और अच्छी पैदावार की उम्मीद बढ़ेगी. बारिश को मां पाउड़ी के आशीर्वाद से जोड़ते हुए श्रद्धालुओं में खुशी देखी गयी.
सदियों से चली आ रही है पूजा की परंपरा
रिडींग गांव स्थित पाउड़ी पीठ क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है. यहां सदियों से मां पाउड़ी की पूजा पारंपरिक विधि-विधान से होती आ रही है. स्थानीय लोगों के लिए यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि पूर्वजों से चली आ रही परंपरा और सामुदायिक आस्था का प्रतीक भी है. जंताल पूजा के अवसर पर आसपास के ग्रामीण एकजुट होकर मां पाउड़ी की आराधना करते हैं और क्षेत्र की खुशहाली की कामना करते हैं. यहां मां पाउड़ी के प्रति लोगों की गहरी आस्था है. वर्षभर श्रद्धालु माता के दरबार में पहुंचते हैं, लेकिन वार्षिक जंताल पूजा के अवसर पर विशेष उत्साह देखने को मिलता है. पूजा के दौरान श्रद्धालुओं ने माता का आशीर्वाद लेकर क्षेत्र में सुख-शांति और किसानों के लिए अच्छी फसल की कामना की.
