सरायकेला: सूर्य उपासना का महापर्व छठ इस वर्ष शनिवार, 25 अक्टूबर से नहाय-खाय के साथ शुरू होगा. पर्व की शुरुआत में अब केवल दो दिन शेष हैं, लेकिन सीनी के प्रमुख छठ घाटों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. रेलवे तालाब, पंपू तालाब और मोहितपुर तालाब में गंदगी, झाड़ियों और दलदल का अंबार लगा हुआ है. गंदगी की स्थिति देखकर व्रतियों में निराशा और चिंता का माहौल है. स्थानीय लोगों ने बताया कि घाटों की सफाई नहीं होने से छठ व्रत के दौरान स्नान और अर्घदान में परेशानी होगी.
हर साल श्रमदान से होती है सफाई
सीनी छठ पूजा समिति के अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने बताया कि हर वर्ष छठ पर्व के दौरान रेलवे तालाब और पंपू तालाब में बड़ी संख्या में व्रती भगवान सूर्य को अर्घ अर्पित करने पहुंचते हैं. उन्होंने कहा कि घाटों की सफाई को लेकर कई बार जिला प्रशासन और पंचायत से गुहार लगायी गयी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. श्री ठाकुर ने कहा कि हर साल व्रती और स्थानीय लोग श्रमदान कर स्वयं घाट की सफाई करते हैं, ताकि छठ पूजा सुचारू रूप से संपन्न हो सके. इस बार भी समिति की ओर से श्रमदान कर सफाई की तैयारी की जा रही है.खरसावां में छठ पर्व की तैयारियां शुरू, घाटों की सफाई में जुटे लोग
खरसावां. खरसावां में लोक आस्था के महापर्व छठ की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गयी है. आमदा, राजवाड़ी घाट, रामगढ़ के साथ-साथ सीनी के सोना नदी घाट और रेलवे तालाब में श्रद्धालु व्रती अर्घ अर्पित करेंगे. छठ पर्व को लेकर सभी घाटों पर सफाई अभियान चलाया जा रहा है. इस बार भी आस-पास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु खरसावां पहुंचकर पूजा में शामिल होंगे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
