कम बारिश में दलहन-तिलहन अपनाएं किसान, मिलेगी बेहतर आय : खरीफ कृषक गोष्ठी में विशेषज्ञों की सलाह

सरायकेला में आयोजित खरीफ कृषक गोष्ठी में विशेषज्ञों ने कम बारिश के बीच किसानों को दलहन, तिलहन और मोटे अनाज की खेती करने की सलाह दी। जानें पूरी जानकारी।

सरायकेला/खरसावां : सरायकेला प्रखंड के कृषि तकनीकी सूचना केंद्र में सोमवार को प्रखंड स्तरीय खरीफ कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया. गोष्ठी में किसानों को बदलते मौसम और कम वर्षा की स्थिति में वैज्ञानिक खेती अपनाने, वैकल्पिक फसलों का चयन करने तथा सरकार की कृषि योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया. कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि इस वर्ष सामान्य से कम बारिश होने के कारण धान की खेती प्रभावित हो सकती है. ऐसे में किसान दलहन, तिलहन एवं मोटे अनाज (मिलेट) की खेती अपनाकर बेहतर उत्पादन और आय प्राप्त कर सकते हैं.

किसानों को परिस्थितियों के अनुरूप फसल चयन करने, संतुलित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करने तथा वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाने की सलाह दी गई. गोष्ठी में बीटीएम नीरज श्रीवास्तव ने मिलेट मिशन योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि मोटे अनाज की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ तीन हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. इसके अलावा मृदा स्वास्थ्य कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) तथा दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने वाली योजनाओं की भी विस्तार से जानकारी दी गई.

कार्यक्रम के दौरान किसानों के बीच धान एवं अरहर के उन्नत बीजों का वितरण भी किया गया. अधिकारियों ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है, जिनका लाभ लेकर किसान अपनी खेती को अधिक लाभकारी बना सकते हैं. मौके पर प्रखंड उप प्रमुख वासुदेव महतो, सुधीर महतो, पंचायत समिति सदस्य अशोक महतो, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक अंतिमा कुमारी, सहायक तकनीकी प्रबंधक नीरज श्रीवास्तव, पीयूष श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान उपस्थित थे


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Author: Sachindra Dash

Published by: Amleshnandan Sinha

शचिंद्र कुमार दाश प्रभात खबर के वरीय संवाददाता हैं और हिंदी पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वे झारखंड और ओडिशा की राजनीति, प्रशासन, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकार, कानून-व्यवस्था तथा जनहित से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग करते हैं। इसके साथ ही कला, भाषा, संस्कृति, आध्यात्म और समसामयिक विषयों पर लेखन में उनकी विशेष रुचि है। नई जानकारियां जुटाना और उन्हें प्रमाणिक तथ्यों के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, खेल, पर्यावरण, साहित्य, संस्कृति से जुड़े विषयों को समेटती है। शचिंद्र कुमार दाश ग्राउंड रिपोर्टिंग पर विशेष जोर देते हैं। वे घटनास्थल पर पहुंचकर तथ्यों के आधार पर समाचार प्रस्तुत करने तथा आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का प्रयास करते हैं।

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