सरायकेला : स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति का जज्बा लिए 15 युवाओं ने झारखंड की सबसे ऊंची चोटी पारसनाथ पहाड़ी के शिखर पर तिरंगा फहराया. इकोथ्रिल एडवेंचर के 15 सदस्यीय दल ने करीब छह घंटे की कठिन चढ़ाई पूरी कर शिखर पर पहुंचकर राष्ट्रीय ध्वज लहराया. ऊंचाई, चुनौती और तिरंगे के संगम ने स्वतंत्रता दिवस के जश्न को खास बना दिया.
इस दल में सात युवतियां भी थी शामिल
फाउंडर भास्कर महतो के नेतृत्व में निकले इस दल में सात युवतियां और आठ युवक शामिल थे. 15 अगस्त को शुरू हुई रोमांचक चढ़ाई के दौरान टीम ने मुश्किल रास्तों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना किया. करीब छह घंटे बाद जब दल पारसनाथ के सबसे ऊपरी शिखर पर पहुंचा, तो वहां तिरंगा फहराकर आजादी का उत्सव मनाया.
डर से आगे बढ़ने का नाम है साहस
भास्कर महतो ने कहा - साहस सिर्फ पहाड़ चढ़ने का नाम नहीं, बल्कि अपने डर और अपनी सीमाओं से आगे निकलने का नाम है. उन्होंने कहा कि इकोथ्रिल एडवेंचर का उद्देश्य युवाओं को प्रकृति से जोड़ने के साथ उनमें नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क, अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करना है. उन्होंने कहा कि साहसिक गतिविधियां युवाओं को चुनौतियों का सामना करना सिखाती हैं और उन्हें पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार भी बनाती हैं.
कंफर्ट जोन से बाहर निकलें युवा
भास्कर महतो ने युवाओं से अपील की कि वे अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलें, नई चुनौतियों को स्वीकार करें और साहसिक गतिविधियों को व्यक्तित्व निर्माण का माध्यम बनाएं. पारसनाथ की ऊंची चोटी पर लहराता तिरंगा सिर्फ स्वतंत्रता दिवस का जश्न नहीं था, बल्कि यह संदेश भी दे रहा था कि मंजिल कितनी भी ऊंची हो... हौसला हो तो रास्ता जरूर निकलता है.
