चांडिल. बिहार स्पंज आयरन लिमिटेड बीएसआइएल) कंपनी गेट के बाहर ””””पंच ग्राम विस्थापित एवं प्रभावित समिति”””” छोटालाखा की बैठक आयोजित की गयी. बैठक को संबोधित करते हुए समिति के नेता समर सिंह सरदार ने प्रबंधन को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि वनराज स्टील प्राइवेट लिमिटेड के अधीन कार्यरत सभी कर्मियों का वेतन 27 फरवरी तक और स्थानीय वेंडरों का बकाया राशि 28 फरवरी तक बिना किसी शर्त के भुगतान किया जाए.
कड़ा रुख:
जमीन वापस लेने को होंगे स्वतंत्रसमर सिंह सरदार ने स्पष्ट किया कि यदि प्रबंधन इन मांगों को अनदेखा करता है, तो विस्थापित और जमीनदाता कड़ा रुख अपनाएंगे. उन्होंने कहा कि ग्रामीण अपनी जमीनों को वापस अपने कब्जे में लेने के लिए स्वतंत्र होंगे, जिससे रेल ट्रैक, रास्ता और विद्युत लाइन जैसी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. इसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी. बैठक लखीकांत महतो, अरुण टुडू, भूकुल हेंब्रम, दुर्गा सिंह, मदन प्रसाद, सुभाष चंद्र महतो, वासु बेसरा, अरुण सिंह सरदार आदि उपस्थित थे.
समिति की प्रमुख मांगें
वेतन और बकाया:
कर्मियों का वेतन 27 फरवरी और वेंडरों का बकाया 28 फरवरी तक चुकता हो.कंपनी का संचालन:
आगामी 5 मार्च तक बीएसआइएल कंपनी को पुनः चालू किया जाए. किराये के विवाद के कारण कंपनी को बंद न होने दिया जाए ताकि जमीनदाताओं और विस्थापितों के सामने रोजी-रोटी का संकट न आए.नवीकरण और प्रदूषण:
प्रबंधन कंपनी में निवेश कर नवीकरण की दिशा में काम करे तथा धूल और खराब रास्तों की समस्या का ठोस समाधान निकाले.सेटलमेंट और पीएफ:
यदि वनराज स्टील संचालन नहीं करती है, तो 5 मार्च तक कर्मियों का पीएफ अपडेट और सेटलमेंट किया जाए. साथ ही 2013 से बंद पड़े कर्मियों का बकाया 10 मार्च तक सुनिश्चित हो.सामग्री पर रोक:
भुगतान और सेटलमेंट होने तक कंपनी से किसी भी प्रकार की सामग्री बाहर ले जाने पर रोक रहेगी.– अगर 5 मार्च तक समाधान नहीं निकला, तो समिति का प्रतिनिधिमंडल विधायक सविता महतो और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मामा गुरुचरण किस्कू व चारुचांद किस्कू के साथ मिलकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा.
