चांडिल : चांडिल डैम से विस्थापित परिवारों की वर्षों से लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर आवाज तेज होने लगी है. चांडिल डैम विस्थापित समन्वय मंच की ओर से शनिवार को प्रेस वार्ता कर विस्थापितों की समस्याओं और आगामी आंदोलन की रणनीति की जानकारी दी गयी. मंच ने कहा - विस्थापित परिवार आज भी जमीन, पुनर्वास, मुआवजा, रोजगार और मूलभूत अधिकारों से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं.
7 से 12 सितंबर तक गांव-गांव पहुंचेगा मंच
मंच के श्यामल मार्डी ने बताया - विस्थापितों की समस्याओं को एकजुट करने और सरकार का ध्यान लंबित मांगों की ओर आकर्षित करने के लिए 7 से 12 सितंबर तक ईचागढ़ प्रखंड के जारगोडीह गांव से गांव-गांव संवाद यात्रा निकाली जायेगी. इस दौरान टीम विस्थापित गांवों में पहुंचकर लोगों से संवाद करेगी. उनकी समस्याओं और मांगों की जानकारी ली जायेगी. सभी को एकजुट कर आगे के आंदोलन की रणनीति तैयार की जायेगी.
अधिकार और सम्मानजनक पुनर्वास की मांग
मंच के नारायण गोप ने कहा - विस्थापित परिवार लंबे समय से अपने अधिकार, सम्मानजनक पुनर्वास, उचित मुआवजा और रोजगार की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि डैम निर्माण के कारण विस्थापन का दंश झेलने वाले परिवार आज भी अपनी समस्याओं के स्थायी समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं.
विस्थापन आयोग को सक्रिय करने की मांग
मंच के अंबिका यादव ने सरकार के समक्ष विस्थापितों की कई लंबित मांगें रखीं. उन्होंने कहा कि सरकार को तत्काल विस्थापन आयोग को सक्रिय करना चाहिए और विस्थापित परिवारों के लिए विशेष पुनर्वास पैकेज की घोषणा करनी चाहिए. उन्होंने पुनर्वास स्थलों का समुचित विकास करने, रोजगार एवं मुआवजे से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने और वर्षों से लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करने की मांग की.
