सरस्वती वाहिनी के बजाय अब सीधे वेंडर के खाते में जायेगी कुकिंग कॉस्ट, जानें क्या है नयी व्यवस्था

सरायकेला में मध्याह्न भोजन योजना के संचालन में बड़ा बदलाव किया गया है. अब कुकिंग कॉस्ट की राशि सीधे अधिकृत वेंडर के खाते में ट्रांसफर होगी. यह नई व्यवस्था योजना में पारदर्शिता लाएगी और विद्यालयों में खाद्य सामग्री की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेगी.

सरायकेला : जिले में मध्याह्न भोजन योजना के संचालन को लेकर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है. अब तक कुकिंग कॉस्ट की जो राशि विद्यालय की सरस्वती वाहिनी संचालन समिति के बैंक खाते में भेजी जाती थी, वह अब सीधे अधिकृत वेंडर के खाते में ट्रांसफर की जाएगी. इस नयी व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने के उद्देश्य से सोमवार को सरायकेला प्रखंड संसाधन केंद्र में बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता करते हुए बीइइओ दिनेश कुमार दंडपात ने स्पष्ट किया कि योजना में पारदर्शिता लाने और विद्यालयों में समय पर खाद्य सामग्री की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ''वेंडर सिस्टम'' को अनिवार्य किया गया है. अब ''एसएनए स्पर्श'' प्रणाली के जरिए राशि का सीधा भुगतान वेंडर को होगा.

हर विद्यालय में बनेंगे दो वेंडर, रसोइया को भी जिम्मेदारी

बीइइओ ने बताया कि उत्क्रमित मध्य एवं मध्य विद्यालयों में दो अलग-अलग वेंडर नामित करने का प्रावधान किया गया है. पहला वेंडर (खाद्य सामग्री): विद्यालय परिसर के बाहर का कोई भी सक्षम व्यक्ति, जिसके पास आवश्यक वैध दस्तावेज हों. यह वेंडर दाल, तेल, मसाला आदि की आपूर्ति करेगा. दूसरा वेंडर (गैस व हरी सब्जी): इसके लिए विद्यालय की रसोइया अथवा संयोजिका का ही चयन किया जाएगा. अंडा, फल और मड़ुआ की राशि पूर्व की भांति सरस्वती वाहिनी संचालन समिति के खाते में ही भेजी जाएगी.

सामग्री आपूर्ति के बाद बिल सत्यापन पर होगा भुगतान

नयी व्यवस्था के तहत वेंडर को पहले अपने स्तर से सामग्री विद्यालय में पहुंचानी होगी. माह के अंत में वेंडर द्वारा प्रस्तुत बिल और वाउचर का विद्यालय स्तर पर सत्यापन किया जाएगा. इसके बाद ही एसएनए स्पर्श पोर्टल के माध्यम से राशि हस्तांतरित होगी. बीइइओ ने सभी प्रभारी शिक्षकों को वेंडर से जुड़े जरूरी दस्तावेज और प्रमाणित पत्र शीघ्र बीआरसी कार्यालय में जमा करने के निर्देश दिए.

आठ बिंदुओं पर विशेष तैयारी का निर्देश

बैठक में बीइइओ ने शिक्षकों को आठ प्रमुख बिंदुओं पर नियमित कार्य पूरा करने का सख्त निर्देश दिया. इनमें दैनिक छात्र व शिक्षक उपस्थिति, एमडीएम एसएमएस, एसएमसी पुनर्गठन कर विद्यावाहिनी पोर्टल पर अपलोड करना, एसएचवीआर रजिस्ट्रेशन, एनीमिया प्रतिवेदन, स्प्लिट सिलेबस और नव भारत साक्षरता कार्यक्रम (एनआइएलपी) के कार्य शामिल हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि जिला स्तर से इन कार्यों की सीधी मॉनिटरिंग हो रही है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी. बैठक में प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी पंकज कुमार महतो, एमडीएम प्रभारी राजाराम महतो सहित सभी विद्यालयों के प्रभारी शिक्षक उपस्थित थे.

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By Dheeraj Singh

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