30 अगस्त को सरायकेला में जुटेगा भूमिज समाज, शिक्षा-रोजगार से लेकर अधिकारों तक पर होगा मंथन

सरायकेला में 30 अगस्त को भूमिज महासभा का आयोजन किया जाएगा. इसमें समाज के विकास, शिक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी.

खरसावां : भूमिज समाज अपनी समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली परंपरा और सामाजिक मूल्यों के लिए सदियों से अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है. बदलते समय के साथ समाज के सामने नई चुनौतियां भी हैं. विकास के नए अवसर भी. ऐसे दौर में जरूरत है कि समाज शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में और अधिक मजबूत, संगठित और आत्मनिर्भर बने.

30 अगस्त को सरायकेला में भूमि समाज महासहभा

इसी उद्देश्य को लेकर 30 अगस्त को सरायकेला में भूमिज समाज महासभा का आयोजन किया जा रहा है. यह महासभा महज एक बैठक नहीं, बल्कि समाज के वर्तमान पर विचार करने और भविष्य की दिशा तय करने की एक सामूहिक पहल है. समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी महासभा में समाज के युवा वर्ग, बुद्धिजीवी, गणमान्य व्यक्ति और सभी समुदायजनों की सक्रिय भागीदारी की अपील की गई है. उद्देश्य है कि समाज के प्रत्येक वर्ग की बात सामने आए और सामूहिक विचार-विमर्श के माध्यम से समाज हित में ठोस एवं सकारात्मक निर्णय लिए जा सकें.

सामाजिक जागरूकता पर चर्चा करने की आवश्यकता

विष्षु सिंह सरदार ने कहा - शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर, स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच, युवाओं का मार्गदर्शन, अपनी संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण तथा सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है. इसके साथ ही संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता भी समाज को मजबूत बनाने का महत्वपूर्ण आधार है. मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट होने का आह्वान एक संगठित और जागरूक समाज ही अपने अधिकारों की रक्षा करते हुए विकास की नई राह तैयार कर सकता है. इसलिए जरूरी है कि आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर समाज की एकता और सामूहिक हित को प्राथमिकता दी जाए.

आपकी सहभागिता ही समाज की शक्ति : विष्णु

भूमिज समाज के सभी भाइयों-बहनों, युवाओं, मातृशक्ति, बुद्धिजीवियों और गणमान्यजनों से अधिक से अधिक संख्या में महासभा में शामिल होने की अपील की गई है. विष्णु सिंह सरदार ने कहा कि समाज की एकजुटता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है. सभी के सहयोग और सहभागिता से ही एक सशक्त, शिक्षित, जागरूक और संगठित भूमिज समाज का निर्माण संभव है. समाज के लोगों से आह्वान किया कि 30 अगस्त को सरायकेला में एकजुट होकर समाज के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में नई शुरुआत करें.


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लेखक के बारे में

By शचिंद्र कुमार दाश

शचिंद्र कुमार दाश प्रभात खबर के वरीय संवाददाता हैं और हिंदी पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वे झारखंड और ओडिशा की राजनीति, प्रशासन, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकार, कानून-व्यवस्था तथा जनहित से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग करते हैं। इसके साथ ही कला, भाषा, संस्कृति, आध्यात्म और समसामयिक विषयों पर लेखन में उनकी विशेष रुचि है। नई जानकारियां जुटाना और उन्हें प्रमाणिक तथ्यों के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, खेल, पर्यावरण, साहित्य, संस्कृति से जुड़े विषयों को समेटती है। शचिंद्र कुमार दाश ग्राउंड रिपोर्टिंग पर विशेष जोर देते हैं। वे घटनास्थल पर पहुंचकर तथ्यों के आधार पर समाचार प्रस्तुत करने तथा आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का प्रयास करते हैं।

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