खरसावां : पूर्व मुख्यमंत्री सह पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने गुरुवार, 17 सितंबर को तमिलनाडु की ऐतिहासिक नीलगिरि पहाड़ियों, जिन्हें ‘ब्लू माउंटेन्स’ के नाम से जाना जाता है, में जनजातीय समुदायों के परिवारों से मुलाकात कर संवाद किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर नीलगिरि के जनजातीय परिवारों के बीच पहुंचना उनके लिए विशेष अनुभव रहा.
तमिलनाडु जनजातीय विविधता व समृद्ध परंपराओं की धरती : मुंडा
अर्जुन मुंडा ने कहा - तमिलनाडु जनजातीय विविधता और समृद्ध परंपराओं की धरती है. राज्य में छह समुदायों को विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTGs) के रूप में सूचीबद्ध किया गया है. उन्होंने कहा - नरिकोरवन और कुरिविक्करन समुदायों की वर्षों पुरानी मांग भी महत्वपूर्ण रही है. सितंबर 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इन समुदायों को तमिलनाडु की अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. इसके बाद संबंधित विधेयक 15 दिसंबर 2022 को लोकसभा और 22 दिसंबर 2022 को राज्यसभा से पारित हुआ.
जनजातीय समुदायों की ओर से पीएम को दी बधाई
मुंडा ने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर नीलगिरि की पहाड़ियों में जनजातीय परिवारों के बीच उपस्थित होना आत्मीय अनुभव है. उन्होंने जनजातीय समुदायों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की.
शाम 6 से 7 बजे तक घर-घर जलाएं ‘आशीर्वाद का दीया’
पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर की शाम 6 से 7 बजे तक घर-घर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने की अपील की है. उन्होंने कहा - दीप प्रज्ज्वलित कर प्रधानमंत्री के स्वस्थ, दीर्घ और यशस्वी जीवन की कामना करने के साथ साल 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के सामूहिक संकल्प को और मजबूत किया जाए.
