सरायकेला. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से शिष्टाचार भेंट कर राज्य की सांस्कृतिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण, संवर्धन और पर्यटन विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की. बैठक में झारखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया गया.
अर्जुन मुंडा ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष रांची जिले के प्रसिद्ध देवड़ी मंदिर (तमाड़), खूंटी के सोनमेर मंदिर तथा सिमडेगा स्थित रामरेखा धाम के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और पर्यटन अवसंरचना को सुदृढ़ करने का प्रस्ताव रखा. उन्होंने इन स्थलों तक बेहतर सड़क संपर्क, श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं के विकास तथा भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत समग्र विकास की आवश्यकता पर जोर दिया.
उन्होंने कहा कि इन धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का विकास केवल पर्यटन को बढ़ावा देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे. साथ ही छोटे व्यवसायों, स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्प को नई पहचान मिलेगी तथा झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर सम्मान प्राप्त होगा.
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अर्जुन मुंडा द्वारा उठाए गए प्रस्तावों पर मंत्रालय की योजनाओं एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया. इस अवसर पर अर्जुन मुंडा ने कहा कि झारखंड की सांस्कृतिक विरासत राज्य की अस्मिता का आधार है. इसके संरक्षण और समुचित विकास की जिम्मेदारी सभी की है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी गौरवशाली विरासत से जुड़ी रह सकें.
