खरसावां. सरायकेला-खरसावां मुख्य मार्ग पर स्थित बुरुडीह गांव में मंगलवार देर रात तेज रफ्तार अनियंत्रित हाइवा सड़क किनारे लगे लोहे के बिजली के खंभे को तोड़ते हुए सीधे एक घर में जा घुसा. इस भीषण टक्कर में घर की दीवार, बाहरी शेड और अंदर रखा सामान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. संयोग अच्छा था कि हाइवा पहले बिजली के पोल से टकरा गया, जिससे उसकी गति धीमी हो गयी और एक बड़ी जानमाल की क्षति होने से टल गयी.
नींद में थे परिजन, बाल-बाल बची जान:
दुर्घटना के समय घर के सभी सदस्य गहरी नींद में सो रहे थे. टक्कर इतनी जोरदार थी कि पूरा घर दहल उठा. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाइवा की रफ्तार अत्यधिक थी, जिसके कारण चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा. दुर्घटना में पास की एक छोटी दुकान और एक अन्य पड़ोसी के घर को भी नुकसान पहुंचा है. गनीमत रही कि घर के भीतर सो रहे लोग सुरक्षित बच गए.
हाइवा मालिक ने पीड़ित परिवारों को 1.70 लाख का हर्जाना दिया :
बुधवार सुबह घटना से आक्रोशित ग्रामीण मुआवजे की मांग को लेकर मुख्य सड़क पर उतर आए और आवागमन बाधित कर दिया. इसके चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. सूचना मिलते ही खरसावां पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर करीब 20 मिनट में जाम हटवाया. बाद में हाइवा मालिक और ग्रामीणों के बीच समझौता हुआ, जिसमें मालिक ने नुकसान की भरपाई करते हुए तीन पीड़ित परिवारों को कुल 1.70 लाख रुपये का मुआवजा दिया. इसके पश्चात ही यातायात सामान्य हो सका.
भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार से दहशत में ग्रामीण:
लोगों ने जिला प्रशासन से भारी वाहनों की जांच की मांग की है. ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग पर भारी वाहन और ओवरलोडेड ट्रक मानकों की अनदेखी कर तेज गति से दौड़ते हैं, जिससे हर वक्त दुर्घटना का साया मंडराता रहता है. अधिकारियों से नियमित जांच और ओवरलोडिंग पर लगाम लगाने की गुहार लगायी है.