खरसावां : धार्मिक नगरी खरसावां में भक्तों संग शंखध्वनि व पारंपरिक हुल-हुली के बीच गुरुवार को भाई-बहन के साथ प्रभु जगन्नाथ अपने मौसी के घर गुंड़िचा मंदिर से श्रीमंदिर लौट आये. इसी के साथ ही श्रद्धा व उल्लास के साथ इस वर्ष की रथयात्रा उत्सव संपन्न हो गयी. शाम करीब साढ़े चार बजे पुरोहितों द्वारा प्रभु जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र व देवी सुभद्रा की प्रतिमाओं को गुंड़िचा मंदिर से बाहर निकाल कर रथ पर सवार किया गया.
इसके पश्चात सैड़कों भक्तों ने रथ को मौसीबाड़ी से खींच कर श्री मंदिर तक पहुंचाया. इस दौरान भक्तों के बीच प्रसाद के रूप में लड्डू फेंके जा रहे थे, जिसे पाने के लिए भक्तों में होड़ रही. मालूम हो श्री जगन्नाथ की घर वासपी यात्रा को बाहुड़ा यात्रा कहा जाता है. प्रभु आठ दिनों तक मौसी के घर में रहने के बाद श्रीमंदिर वापस लौंटे.
