फोटो 21एसकेएल 5 मां विपद तारणी की पूजा करती महिलाएंसरायकेला. सरायकेला,महालिमोरुप,सीनी व कोलाबिरा सहित आसपास के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के महिलाओं ने मंगलवार को विपदहरणी माता तारणी की पूजा-अर्चना कर अपना व घर परिवार के सुख शांति की कामना की. सरायकेला शहरी क्षेत्र के कई स्थानों में महिलाओं ने माता तारणी की कलश स्थापित कर पूजा- अर्चना की और बांह में विपद हरणी माता की व्रत धागा बांधी. मंगलवार सुबह से ही बाजारों में पूजा का माहौल बन गया.महिलाएं नहा धोकर कलश स्थल पर विपदहरणी माता तारणी की पूजा अर्चना कर पति व संतान के रक्षार्थ मन्नत के साथ व्रत का धागा अपने बांहो में बांधा. मान्यता है कि रथयात्रा के बाद पहली मंगलवार को विपद हरणी मां तारणी की पूजा की जाती है. माता विपद हरणी तारणी की पूजा- अर्चना करने से सभी प्रकार के विपदा कष्ट अपने आप टल जाते हैं. सरायकेला शहरी क्षेत्र समेत दूर दराज से आये ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं ने मौसी बाड़ी यानी गुंडिचा मंदिर में आयोजित तारणी पूजा में पूजा-अर्चना की. व्रतधारी महिलाएं हाथ में पूजा की थाली लिये पूजा स्थल पर पहुंची और भक्ति भाव से माता तारणी की पूजा अर्चना की.
महिलाओं ने की संकट विपद मां तारणी की पूजा
फोटो 21एसकेएल 5 मां विपद तारणी की पूजा करती महिलाएंसरायकेला. सरायकेला,महालिमोरुप,सीनी व कोलाबिरा सहित आसपास के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के महिलाओं ने मंगलवार को विपदहरणी माता तारणी की पूजा-अर्चना कर अपना व घर परिवार के सुख शांति की कामना की. सरायकेला शहरी क्षेत्र के कई स्थानों में महिलाओं ने माता तारणी की कलश स्थापित […]
